रायबरेली-राजस्व की धारा 67 क का अनुचित लाभ देने की पहली गाज लेखपाल पर , किया गया निलंबित

रायबरेली-राजस्व की धारा 67 क का अनुचित लाभ देने की पहली गाज लेखपाल पर , किया गया निलंबित

-:विज्ञापन:-




   रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार-रायबरेली -राजस्व की धारा 67 क के तहत सरकारी भूमि को कब्जेदार के नाम अंकित कराने के मामले में पहली गाज लेखपाल पर गिरी है । क्षेत्र के सुदामापुर गांव के लेखपाल को गलत आख्या रिपोर्ट देने और एक व्यक्ति को अनुचित लाभ देने का दोषी मानते हुए एसडीएम ने निलंबित कर दिया है । यह कार्रवाई क्षेत्र के गांव पूरे राम जियावन मजरे मुंडीपुर निवासी मनीष शुक्ल की शिकायत पर की गई है ।
     ज्ञात हो कि शिकायतकर्ता ने तहसील के कई गांवों की शिकायत जिलाधिकारी , राजस्व परिषद और सतर्कता विभाग को थी । शिकायतकर्ता का आरोप है कि तहसील के एसडीएम न्यायिक कोर्ट से राजस्व की धारा 67 क के तहत दर्जनों लोगों को अनुचित लाभ दिया गया है । यहां पर उल्लेखनीय है कि इस धारा के तहत गांव के उन भूमिहीन लोगों को आवास हेतु सीमित भूमि देने का प्राविधान है , जो काफी समय से मकान बनाकर रह रहे है । शिकायत कर्ता का आरोप है कि आर्थिक रूप समृद्ध लोगों को गलत तरीके से इस धारा का लाभ दिया गया है । शिकायतकर्ता की जांच में यह पाया गया कि सुदामापुर गांव निवासी धर्मेंद्र बहादुर सिंह को लेखपाल ने भूमिहीन और गरीब बताकर आख्या लगाई थी । जबकि उनके पास स्कॉर्पियो है , ढाबा है , पक्का मकान है । बड़ी मजेदार बात यह है कि जिस भूमि को लेखपाल ने आख्या लगाकर उनके नाम दर्ज कराया था , उसी भूमि पर तहसीलदार ने उनका अवैध कब्जा पाते हुए उन्हें बेदखल करके जुर्माना लगाया था । पूरे प्रकरण की जांच के बाद एसडीएम राजेश श्रीवास्तव ने वहां के लेखपाल कुलदीप सिंह को निलंबित कर दिया है । 
     अब इसी धारा के अंतर्गत अन्य गांवों में लाभ अर्जित करने वालों की जांच हो रही है । यह जांच जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वित्त और राजस्व कर रहे हैं । इस प्रारंभिक कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।