रायबरेली-बड़े काश्तकार और करोड़ों की संपत्ति के मालिक को गरीब भूमिहीन बताकर दे दी जमीन

रायबरेली-बड़े काश्तकार और करोड़ों की संपत्ति के मालिक को गरीब भूमिहीन बताकर दे दी जमीन

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  रिपोर्ट-सागर तिवारी


ऊंचाहार -रायबरेली - भूमिहीन गरीबों को आवास हेतु भूमि देने की राजस्व धारा 67 क के तहत पूरे क्षेत्र में बड़ा खेल हुआ है । यह काम एसडीएम न्यायिक कोर्ट द्वारा किया गया है , जिसमें एसडीएम के पूर्व पेशकार की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे । इस मामले में क्षेत्र के सुदामापुर के लेखपाल के निलंबन के बाद हड़कंप मचा हुआ है । अब नगर से जुड़े गांव मदारीगंज में राजमार्ग के किनारे स्थित बेस कीमती भूमि का खेल सामने आया है , जिसमें बड़े काश्तकार और करोड़ों के मालिकों को इसका लाभ देकर सरकार को चुना लगाया गया है ।
           यह सारी पोल उस समय खुली जब क्षेत्र के गांव पूरे राम जियावन मजरे सा नेवादा निवासी मनीष शुक्ल ने जिलाधिकारी को साक्ष्य के समेत शिकायती पत्र सौंपा है । डीएम के आदेश पर इसकी जांच अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व कर रहे है । शिकायत कर्ता ने बताया कि मदारीगंज गांव में रामदास पुत्र रामलाल और सरोज लता पत्नी तीरथलाल को इस नियम के अंतर्गत लाभ दिया गया है । क्षेत्रीय लेखपाल ने अपनी आख्या में इन्हें भूमिहीन और गरीब बताया है । जबकि रामदास के नाम क्षेत्र के अरखा गांव में काफी जमीन है , इनके पास कीमती चार पहिया गाड़ी है और करोड़ों की लागत से राजमार्ग के किनारे भवन बना हुआ है , जिसमें बड़ी क्लिनिक संचालित करते हैं । इसी प्रकार सरोज लता के पति के पास काफी जमीन है , उनके पास भी कीमती चार पहिया गाड़ी है । इतनी बड़ी संपत्ति के मालिक होने के बावजूद इन्हें गरीब बताकर गरीबों के हक पर डाका डाला गया है । दोनों लोगों को गांव की भूमि गाटा संख्या 48/1 में लाभ दिया गया है । जो राजमार्ग के किनारे स्थित है और बेस कीमती है।शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन जिलाधिकारी ने दिया है , यदि इसमें कार्रवाई नहीं हुई तो प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करके अधिकारियों और कर्मचारियों की पोल खोलेंगे ।