रायबरेली-ऊंचाहार में गलत ढंग से भूमि अपात्रों को दिए जाने में डीएम ने एडीएम को सौंपी जांच

रायबरेली-ऊंचाहार में गलत ढंग से भूमि अपात्रों को दिए जाने में डीएम ने एडीएम को सौंपी जांच

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रिपोर्ट-सागर तिवारी


ऊंचाहार-रायबरेली - तहसील के एसडीएम न्यायिक न्यायालय में मनमाने ढंग से धारा 67 क के तहत अपात्रों को भूमि देने के मामले में जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को जांच सौंपी है । यह मामला कई दिनों से काफी चर्चा में है । जिसमें क्षेत्र के कई गांवों में खेल हुआ है । शिकायत कर्ता का आरोप है कि सेवा निवृत्त होने के बाद एक अधिकारी ने पिछली तिथियों में आदेश किया है।
         शिकायत कर्ता मनीष शुक्ल निवासी पूरे राम जियावन मजरे सावापुर नेवादा ने बुधवार को जिलाधिकारी हर्षिता माथुर से मुलाकात की। इससे पूर्व उन्होंने समाधान दिवस में शिकायती पत्र दिया था । उनका आरोप है कि एसडीएम न्यायिक न्यायालय में एक अधिकारी द्वारा सेवा निवृत्त होने के बाद बैंकडेट में ग्राम सभावों की बेस कीमती जमीन को धारा 67 क के तहत नियमों को ताक पर रखकर अपात्र व्यक्तियों को दे दिया है । उन्होंने एक सूची भी डीएम को सौंपी है । जिसमें क्षेत्र की ग्राम पंचायत जगतपुर में लवकुश कुमार , जयराम पुर उर्फ मदारी गंज में रामदास और सरोजलता   , ईश्वर दास पुर में मो शमीम , ऊंचाहार देहात में अब्दुल वहीद, नाजनीन बानो, गुड़िया बानो, सुदामापुर में धर्मेश बहादुर सिंह ,  टांघन में सचिन कुमार जोगमगदीपुर में अजीत कुमार , दौलतपुर में एक स्कूल को धारा जमीन का विविनय के तहत इन्हें भूमिहीन मानते हुए इनके नाम जमीन दर्ज की गई है । जबकि ये सभी लोग अपात्र है । यही नहीं  दौलतपुर गांव स्थित महात्मा गौतम बुद्ध कालेज ग्राम सभा की भूमि पर बना हुआ है , इस भूमि का विनिमय भी नियमों को ताक पर रखकर किया गया है। इस सनसनीखेज खुलासे को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है , और एडीएम को जांच करके तत्काल आख्या रिपोर्ट देने को कहा है । यही नहीं शिकायत कर्ता ने राजस्व परिषद और मुख्यमंत्री तथा सतर्कता विभाग  में भी भूमि घोटाले और भ्रष्टाचार की शिकायत की है ।