रायबरेली-कमालपुर ग्राम सभा में बड़े झोलSC बनकर लिया सरकारी लाभ मामले की शिकायत पर SDM करेंगे जांच,,,,

रायबरेली-कमालपुर ग्राम सभा में बड़े झोलSC बनकर लिया सरकारी लाभ मामले की शिकायत पर SDM करेंगे जांच,,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 


ऊंचाहार- रायबरेली-क्षेत्र के कमालपुर गांव में न सिर्फ गांजा तस्करी गढ़ है अपितु यहाँ बड़े बड़े घोटाले हैं। यहाँ दलितों हक और उनके मुंह के निवाला छीना जा रहा है। ग्राम प्रधान के पिछड़ी जाति के करीबी ने दलित बनकर टीन शेड को लाभ लिया है। यह कारनामा भी बहुचर्चित गाँव कमालपुर में हुआ है। अब इसकी जाँच ऊंचाहार एसडीएम करेंगे। 
        यह गम्भीर मामला रोहनिया विकास क्षेत्र के बहुचर्चित गाँव कमालपुर का है। यह वही कमालपुर गांव है जहां गांजा का प्रमुख व्यवसाय होने का दावा किया गया है और फर्जी अभिलेखों के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और नाबालिगों को मताधिकार दिलाने का दावा किया गया है। चर्चा है कि फर्जी अभिलेखों का मकड़जाल उमरन स्थित एक जन सुविधा केन्द्र में बुना गया है को ग्राम प्रधान का खासम खास है। अब इस मामले एक नई कहानी निकल सामने आई है। लगाए गए आरोपों में दावा किया गया है कि ग्राम प्रधान के करीबी और जन सुविधा केन्द्र संचालक ने सजातीय ग्राम पंचायत सचिव और बीडीओ से मिलकर दलितों के हक पर डाका डाला गया है। कुर्मी ग्राम प्रधान की कुर्मी जाति की  महिला ने दलित का बनकर सरकारी टीन शेड लाभ लिया जो दलित को मिलना चाहिए था। यही नहीं इन्होंने ने ही गरीबों के निवाले पर डाका डाल दिया है। कई बीघा भूमि होने बावजूद अंत्योदय राशन कार्ड का लाभ ग्रहण कर लिया। मजे की बात यह है कि इसी कार्ड धारक द्वारा प्रति वर्ष सरकार को 24 रूपये प्रति किलो की दर से कई कुंटल धन बेचा जाता है। बड़ी बात यह है स्थानीय अधिकारियों को इतने बड़े घोटाले की भनक तक नहीं लगी। लापरवाही की इंतेहा देखिए कि इतनी शिकायतों के बाद भी जांच की आँच तक भ्रष्टचारियों तक नहीं पहुंची। इस गाँव में ग्राम प्रधान और उसके करीबी ही सरकार हैं। वही न्यायालय हैं और वही लोकतंत्र है। इस लोक तांत्रिक देश में अब इससे बड़ा भद्दा मज़ा और क्या ही होगा।