रायबरेली में किसानों ने पैसे जुटाकर कराई नहर की सफाई,सिंचाई विभाग की उपेक्षा से किसानों में नाराजगी

रायबरेली में किसानों ने पैसे जुटाकर कराई नहर की सफाई,सिंचाई विभाग की उपेक्षा से किसानों में नाराजगी

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

रायबरेली-नहरों की सफाई न होने से किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। कई बार शिकायत के बाद जब जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया तो किसानों ने खुद सफाई का जिम्मा उठाया। 62 हजार रुपये चंदा एकत्र कर जेसीबी से नहर की सफाई कराई।

सिंचाई विभाग की उपेक्षा से किसानों में नाराजगी है।

हरचंदपुर ब्लॉक क्षेत्र के सलेमपुर नहर निकली है। इससे सलेमपुर, सुल्तानपुर, महुंआखेड़ा, टेरी, महाबल, सुहाईबाग, सरगई आदि गांवों की करीब दो हजार एकड़ भूमि की सिंचाई होती है। नहर की सफाई नहीं होने से किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा था। जिला पंचायत सदस्य आशीष चौधरी ने 10 हजार रुपये के अलावा भंवर सिंह, कामता, आनंद सिंह आदि किसानों ने करीब 62 हजार रुपये चंदा एकत्र कर जेसीबी से माइनर की सफाई का काम शुरू कराया।

किसानों ने बताया कि बारिश नहीं हो रही है। पानी के अभाव में किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। नहर की सफाई होने से काफी हद तक सहूलियत मिली है। किसानों ने बताया कि नहरों की सफाई में हर साल धन का बंदरबांट किया जाता है। यही वजह है कि नहरें सिल्ट और झाड़ियों से पटी हैं।

उधर, राही ब्लॉक क्षेत्र के सेमरा, परमानपुर, कनौली, परौरा, परमानपुर, जरियारी आदि गांवों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसानों की शिकायत पर प्रधान प्रतिनिधि चंदन सिंह ने जगतपुर रजबहा में हेड के पास सफाई कराई। 100 मीटर सफाई होने के बाद पानी आगे की ओर बढ़ सका। किसानों ने बताया कि नहरों की सफाई में केवल औपचारिकता होती है। यही वजह है कि किसानों को खरीफ और रबी सीजन में सिंचाई के संकट से जूझना पड़ रहा है।

सिंचाई खंड दक्षिणी के अधिशासी अभियंता राम विलास ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। अगर सफाई नहीं हुई तो समस्या का निस्तारण कराया जाएगा।