रायबरेली-तीन दिन बाद निकाला दफन विवाहिता का शव, ग्रामीणों की मौजूदगी में बाग में किया गया शव दफन,,,

रायबरेली-तीन दिन बाद निकाला दफन विवाहिता का शव, ग्रामीणों की मौजूदगी में बाग में किया गया शव दफन,,,
रायबरेली-तीन दिन बाद निकाला दफन विवाहिता का शव, ग्रामीणों की मौजूदगी में बाग में किया गया शव दफन,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी



ऊंचाहार-रायबरेली तीन दिन पहले मायके पक्ष द्वारा विवाहिता के शव को उसकी ससुराल के घर के सामने दफन करने के मामले में पुलिस ने गुरुवार को शव को ग्रामीणों के सामने खोडवाया है । उसके बाद शव को गांव से दूर एक बाग में दफन किया गया है । इस दौरान मृतका के मायके और ससुराल दोनों पक्षों से कोई मौजूद नहीं था ।



ज्ञात हो कि  प्रतापगढ़ जनपद के थाना संग्रामगढ़ के गांव दखवापुर निवासी चंद्रकेश की बहन अंतिमा (22 वर्ष) की शादी करीब   18 माह पूर्व ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के निगोहां गांव के संतोष कुमार के साथ की थी । आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी बहन को पचास हजार रुपए नगद और आभूषण के लिए ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ित किया जाता रहा है । बीते रविवार को  विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सुबह संतोष ने अपनी ससुराल फोन करके बताया कि अंतिमा की मौत हो गई है । उसके गले में चोट के निशान थे । इस मामले में पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर ससुराल वालों के विरुद्ध दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। शव के पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को मृतका की ससुराल उसके मायके पक्ष से सैकड़ों की भीड़ शव लेकर पहुंची और शव को उसकी ससुराल के घर के दरवाजे के सामने दफन कर दिया । इस घटना के दूसरे दिन निगोहां गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने एसडीएम के यहां प्रदर्शन करके शव को आबादी से हटाने की मांग की थी । ग्रामीणों का कहना है कि आबादी में शव दफन होने के कारण गांव के बच्चे और महिलाएं भय में है । ग्रामीणों की मांग पर गुरुवार को शव को कब्र से निकलवाकर उसे गांव से करीब दो सौ मीटर दूर एक बाग में दफन किया है । इस दौरान ससुराल पक्ष के लोग फरार थे , और मायके पक्ष से भी कोई मौजूद नहीं था । इस बाबत जब एस डी एम से बात की गइ तो उन्होने बताया की मामले की हमे कोइ जानकारी नही है।