देश में रफ्तार क्रांति, सभी स्‍टेशनों से गुजरेगी वंदेभारत, रेलवे ने इस महाशक्ति से मिलाया हाथ!

देश में रफ्तार क्रांति, सभी स्‍टेशनों से गुजरेगी वंदेभारत, रेलवे ने इस महाशक्ति से मिलाया हाथ!

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सेमी हाईस्‍पीड ट्रेन यानी वंदेभारत एक्‍सप्रेस आज यात्रियों की पसंदीदा ट्रेन बनती जा रही है. यही वजह है कि मौजूदा समय वंदेभारत की देश के विभिन्‍न रूटों पर 70 सर्विस शुरू हो चुकी हैं.

भारतीय रेलवे की योजना इस ट्रेन को सभी प्रमुख रूटों पर चलाने की है, यानी यह ट्रेन सभी बड़े स्‍टेशनों से होकर गुजरेगी, जिससे अधिक से अधिक यात्री इस चमचमाती ट्रेन से सफर का आनंद उठा सकेंगे. इसके लिए देश ने महाशक्ति से हाथ मिलाया है.

प्रधानमंत्री ने हाल ही में एक साथ 9 वंदेभारत ट्रेनों को झंडी दिखाकर रवाना किया है. इस तरह 33 वंदेभारत का संचालन हो रहा है. दो ट्रेनें रिजर्व में रखी गयी हैं. वंदेभारत की सर्विस की बात करें तो आना जाना मिलकर 70 सर्विस शुरू हो चुकी हैं. मौजूदा समय पूर्वोत्‍तर के राज्‍यों को छोड़कर सभी राज्‍यों में वंदेभारत एक्‍सप्रेस का संचालन हो रहा है. कई राज्‍यों में कई कई वंदेभारत ट्रेनों का संचालन हो रहा है.

अभी तक चल रहीं वंदेभारत एक्‍सप्रेस सिटिंग यानी बैठने वाली हैं, लेकिन जल्‍द ही स्‍लीपर वंदेभारत एक्‍सप्रेस आने वाली हैं. स्‍लीपर वंदेभारत के निर्माण के लिए भारतीय रेलवे ने महाशक्ति रूस से हाथ मिलाया है. रेलवे 200 स्‍लीपर वंदेभारत की घोषणा कर चुका है.

इसमें से 120 वंदेभारत रूसी कंपनी के साथ मिलकर बनायी जाएंगी. इसमें शेयर पैटर्न 70 फीसदी टीएमएच, 25 फीसदी आरवीएनएल यानी रेल विकास निगम लिमिटेड और 5 एलईसी की हिस्‍सेदारी होगी. समझौते के तहत ट्रेनों का निर्माण और 35 साल तक इनका रख रखाव भी निर्माण कंपनी करेगी. इन 120 ट्रेनों का निर्माण लातूर में किया जाएगा.

हालांकि देश की पहली स्‍लीपर वंदेभारत ट्रेन का निर्माण आईसीएफ चेन्‍नई में किया जाएगा. स्‍लीपर वंदेभारत लंबी दूरी पर चलाई जाएंगी. ये ट्रेनें राजधानी के मुकाबले अधिक सुविधाजनक होंगी.