रायबरेली जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल! व्हीलचेयर गायब बेटे की कमर टूटी पर सिस्टम का नहीं पसीजा दिल

रायबरेली जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल! व्हीलचेयर गायब बेटे की कमर टूटी पर सिस्टम का नहीं पसीजा दिल

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824

रायबरेली जिला अस्पताल की चौखट पर एक बार फिर मानवता कराहती नजर आई. जब बीमार पिता को अस्पताल में एक व्हीलचेयर नसीब नहीं हुआ, तो बेटे ने हार नहीं मानी. कलयुग के 'श्रवण कुमार' ने अपनी पीठ को ही पालकी बना लिया और पिता को लादकर वार्ड-दर-वार्ड भटकता रहा.

अब इस बेबसी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जो स्वास्थ्य विभाग के दावों की बखिया उधेड़ रहा है.

महाराजगंज से आए थे आस लेकर, मिली सिर्फ दुश्वारियां

जानकारी के मुताबिक, महाराजगंज थाना क्षेत्र के सोथी गांव के रहने वाले शिवप्रसाद की तबीयत अचानक बिगड़ गई. परिजन उन्हें बड़ी उम्मीदों के साथ जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे. लेकिन अस्पताल परिसर में कदम रखते ही उम्मीदों का दम फूलने लगा. तीमारदारों ने मिन्नतें कीं, वार्ड बॉय से लेकर काउंटर तक चक्कर लगाए, लेकिन हर तरफ से एक ही जवाब मिला- "व्हीलचेयर खाली नहीं है."

मजबूरी की 'पीठ' पर सवार सिस्टम

पिता की हालत बिगड़ती देख बेटे का सब्र जवाब दे गया. जब अस्पताल का पहिया नहीं घूमा, तो बेटे ने खुद ही हिम्मत जुटाई. उसने बीमार पिता को अपनी पीठ पर लादा और डॉक्टर के चैंबर तक ले गया. जिसने भी यह मंजर देखा, उसकी रूह कांप गई, लेकिन जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद में सोए रहे.

वायरल वीडियो ने खोली पोल

पीठ पर लादकर ले जाने का यह वीडियो अब मोबाइल-टू-मोबाइल तैर रहा है. वीडियो वायरल होते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है. लोग पूछ रहे हैं कि करोड़ों के बजट और कागजों पर दौड़ती 'हाईटेक' सुविधाओं के बीच एक व्हीलचेयर का अकाल कैसे पड़ गया ?