रायबरेली-ऊंचाहार: मासूम से अभद्रता मामले में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, 'मिशन शक्ति' के दावों पर उठाए सवाल

रायबरेली-ऊंचाहार: मासूम से अभद्रता मामले में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, 'मिशन शक्ति' के दावों पर उठाए सवाल

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  रिपोर्ट-सागर तिवारी 

ऊंचाहार-रायबरेली- उत्तर प्रदेश सरकार जहाँ एक ओर 'मिशन शक्ति' अभियान के जरिए महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल देने का दावा कर रही है, वहीं ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र में एक 11 वर्षीय मासूम के साथ हुई अभद्रता ने इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की कथित सुस्ती से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को कोतवाली का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
घटना का विवरण
बीते 5 जनवरी 2026 की शाम, सामान लेने जा रही मासूम बच्ची को एक युवक ने अपनी बाइक पर बैठाकर अगवा करने का प्रयास किया। सुनसान इलाके में ले जाकर आरोपी ने मासूम के साथ अश्लील हरकतें कीं। हालांकि, बच्ची की बहादुरी और शोर मचाने के कारण आरोपी उसे छोड़कर भाग निकला।
मिशन शक्ति बनाम जमीनी हकीकत
सरकार द्वारा संचालित 'मिशन शक्ति' का मुख्य उद्देश्य अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना और पीड़ित महिलाओं को तत्काल न्याय दिलाना है। लेकिन इस मामले में ग्रामीणों का आरोप है कि:
शिथिल जांच: घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
सुरक्षा का अभाव: आरोपी की गिरफ्तारी न होने से गांव की अन्य बेटियों और परिजनों में भय का माहौल है।
कार्यवाही में देरी: ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही न करना 'मिशन शक्ति' की मूल भावना के विपरीत है।
"बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और मिशन शक्ति जैसे अभियान तभी सफल होंगे जब पुलिस ऐसे गंभीर मामलों में तत्परता दिखाएगी। तीन दिन बीत गए लेकिन आरोपी अभी भी आजाद घूम रहा है।" – प्रदर्शनकारी ग्रामीण
कठोर कार्यवाही की मांग
कोतवाली घेराव के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि आरोपी पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) समेत अन्य कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी अविलंब गिरफ्तारी की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों को संरक्षण मिला या गिरफ्तारी में देरी हुई, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे।
कोतवाल अजय कुमार राय ने बताया कि परिवारजनों को समझा बुझा कर घर भेज दिया गया। मामले मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।