रायबरेली-ऊंचाहार तालाब सौंदर्यीकरण में भ्रष्टाचार का 'पीला' खेल, घटिया सामग्री से रखी जा रही विकास की बुनियाद,,

रायबरेली-ऊंचाहार तालाब सौंदर्यीकरण में भ्रष्टाचार का 'पीला' खेल, घटिया सामग्री से रखी जा रही विकास की बुनियाद,,

-:विज्ञापन:-



रिपोर्ट-सागर तिवारी



ऊंचाहार-रायबरेली- नगर पंचायत ऊंचाहार में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट का मामला गरमाता जा रहा है। ताजा मामला नगर पंचायत के वार्ड नंबर 4, मोहल्ला खत्री टोला स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य का है, जहाँ मानक को ताक पर रखकर धड़ल्ले से घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
बदहाली की राह पर सौंदर्यीकरण कार्य
नगर पंचायत ऊंचाहार द्वारा "नगरीय झील/पोखर/तालाब संरक्षण योजना" के तहत दीवान तालाब के किनारे इंटरलॉकिंग सड़क और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। निर्माण स्थल पर लगे सूचना पट्ट के अनुसार, इस कार्य की शुरुआत 23 मई 2022 को हुई थी। हैरानी की बात यह है कि सौंदर्यीकरण की शुरुआत ही भ्रष्टाचार की नींव से हुई है। निर्माण कार्य में खुलेआम पीले और दोयम दर्जे के घटिया ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि इंटरलॉकिंग सड़क के निर्माण में न केवल खराब ईंटें लगाई जा रही हैं, बल्कि सीमेंट और मौरंग का मसाला भी अत्यंत घटिया स्तर का उपयोग किया जा रहा है। सड़क के किनारे बनने वाले बॉर्डर में पीले और दोयम दर्जे के ईंट लगाने के साथ घटिया गुणवत्ता के मसाले का उपयोग किया जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारी केवल सरकारी बजट को ठिकाने लगाने में जुटे हैं, जबकि कार्य की गुणवत्ता से उनका कोई सरोकार नहीं है।
चित्र में स्पष्ट दिख रहा है कि कार्यदायी संस्था नगर पंचायत ऊंचाहार स्वयं है। इसके बावजूद, अपनी ही देखरेख में हो रहे इस घटिया निर्माण पर जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है। नियमानुसार, सार्वजनिक धन से होने वाले निर्माण में प्रथम श्रेणी की ईंटों का प्रयोग होना चाहिए, लेकिन यहाँ खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
नगर के बुद्धिजीवियों और स्थानीय निवासियों ने इस मामले में जिला प्रशासन और जिलाधिकारी रायबरेली से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि नींव ही घटिया सामग्री से रखी जाएगी, तो लाखों की लागत से हो रहा यह सौंदर्यीकरण कार्य कुछ ही महीनों में जमींदोज हो जाएगा। जनता ने चेतावनी दी है कि यदि इस भ्रष्टाचार को तुरंत नहीं रोका गया, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।