दुबई की करोड़ों की छोड़ी नौकरी, भारत में अब 'डांसिंग काउ' से खड़ा किया करोड़ों का बिजनेस
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
लखनऊ की रहने वाली आरोही सूर्या की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है, जो सुरक्षित करियर और अपने सपनों के बीच उलझे रहते हैं। इंजीनियरिंग के दौरान असफलताओं से जूझने वाली आरोही ने न सिर्फ खुद को संभाला, बल्कि दुबई में 1.1 करोड़ रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी को छोड़कर भारत में एक ऐसा स्टार्टअप खड़ा किया, जो आज हेल्दी और टिकाऊ फूड विकल्पों की दिशा में नई पहचान बना रहा है।
कैसे पढ़ाई में संघर्ष वाली लड़की ने हौसले से बनाया ब्रांड
आरोही की शुरुआती पढ़ाई आसान नहीं रही। इंजीनियरिंग के दौरान वह फेल होते-होते बचीं, लेकिन हार मानने के बजाय आगे बढ़ती रहीं। बाद में उन्होंने दुबई जाकर एमबीए किया और वहां एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में मार्केटिंग हेड के पद तक पहुंचीं। कॉर्पोरेट जगत में सफलता के बावजूद उनके भीतर एक उद्यमी सोच लगातार आकार ले रही थी।
कॉर्पोरेट नौकरी के साथ-साथ आरोही ने दुबई में अपना पहला स्टार्टअप 'यल्ला (Yalla)' शुरू किया, जिसे सफलतापूर्वक बेचने के बाद वह 2022 में भारत लौट आईं। भारत लौटने पर उन्होंने महसूस किया कि यहां वेगन और डेयरी-फ्री विकल्प बेहद सीमित हैं।
मां की सेहत कैसे बनी प्रेरणा?
इसी दौरान उनकी मां को डायबिटीज का पता चला और डॉक्टरों ने डेयरी उत्पादों से परहेज की सलाह दी। दूध प्रेमी देश भारत में विकल्पों की कमी ने आरोही को सोचने पर मजबूर किया। यहीं से उन्हें 'ओट मिल्क' यानी जई के दूध का विचार आया, एक ऐसा दूध जो स्वाद में असली जैसा हो, लेकिन पचाने में आसान हो।
कैसे शुरू हुई 'डांसिंग काउ'
आरोही ने अपने पति अनमोल गोयल के साथ मिलकर अपनी बचत से डांसिंग काउ की नींव रखी। सही रेसिपी तैयार करने में उन्हें करीब 10 महीने लगे। सबसे बड़ी चुनौती भारत में प्लांट-बेस्ड मिल्क के लिए उपयुक्त मैन्युफैक्चरिंग प्लांट ढूंढना था। आखिरकार पुणे की एक फैक्ट्री के साथ साझेदारी कर यह सपना साकार हुआ। आज भी उनकी रेसिपी पूरी तरह गोपनीय है।
मार्च 2023 में आधिकारिक लॉन्च के बाद आरोही ने कैफे और सोशल मीडिया के जरिए लैक्टोज इनटोलरेंस को लेकर जागरूकता फैलानी शुरू की। धीरे-धीरे लोगों ने ओट मिल्क को अपनाना शुरू किया।
करोड़ों का रेवेन्यू
आज 'डांसिंग काउ' के उत्पाद रिटेल स्टोर्स, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ भारत के 500 से ज्यादा कैफे में इस्तेमाल हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू 2.2 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। अगला लक्ष्य 2025-26 तक इसे 4.8 करोड़ रुपये तक ले जाना है। आरोही आज खुद अपने ब्रांड का चेहरा हैं और इंस्टाग्राम पर अपनी उद्यमिता की यात्रा साझा करती हैं। उनका सपना 'डांसिंग काउ' को भारत का सबसे बड़ा डेयरी रिप्लेसमेंट ब्रांड बनाना और भविष्य में आईपीओ लाना है।

rexpress
