रायबरेली-आखिर डलमऊ ब्लॉक में तैनात साचिव आलोक शुक्ला पर ग्राम प्रधानों ने क्यों लगाए गंभीर आरोप,जानिए मामला

रायबरेली-आखिर डलमऊ ब्लॉक में तैनात साचिव आलोक शुक्ला पर ग्राम प्रधानों ने क्यों लगाए गंभीर आरोप,जानिए मामला

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

रायबरेली-पंचायत सचिव को ग्राम पंचायत का मुख्य अधिकारी माना जाता है। ग्राम प्रधान से लेकर आम जनता तक, पंचायत सचिव पर ही विकास कार्यों की जिम्मेदारी निर्भर करती है। लेकिन जब यही सचिव अपने कर्तव्यों से उदासीन हो जाएं, तो गांव के विकास कार्यों में बाधा आना स्वाभाविक हो जाता है।
            ऐसा ही एक मामला डलमऊ विकासखंड से सामने आया है, जहां एक नहीं बल्कि चार ग्राम प्रधानों ने अपने पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्राम प्रधान कुरौलीदमा हीरालाल, खलीलपुर किरन,सलेमपुर कमलेश यादव और जोतीयामऊ के राम सुमेर ने संयुक्त रूप से शिकायत करते हुए बताया कि उनके क्लस्टर में तैनात पंचायत सचिव आलोक शुक्ला सरकारी कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। ग्राम प्रधानों ने बताया कि 4 जुलाई 2025 को आलोक शुक्ला को इन चारों ग्राम पंचायतों का सचिव नियुक्त किया गया था, लेकिन तैनाती के बाद से ही उनका व्यवहार असंतोषजनक रहा है। ग्राम प्रधानों ने इस संबंध में डीपीआरओ को शिकायत पत्र देकर पंचायत सचिव को हटाने की मांग की है। इसके पहले भी आवेदकों ने आरोप लगाया था कि कई महीनो तक आवेदकों के प्रार्थना पत्र अपने पास रखे रहते थे। उन्हें जारी करने के बजाए उन्हें निरस्त कर देते थे। जिस पर खंड विकास अधिकारी अशोक संचान ने भी आलोक शुक्ला पर कार्रवाई करने की बात कही थी।

इस मामले को लेकर आर एक्सप्रेस की टीम साचिव आलोक शुक्ला से बात की तो उन्होने बताया है शिकायत मेरे संज्ञान में नहीं है