शातिर निकला यूपी पुलिस का ये सिपाही, 26 साल की नौकरी के बाद हुई जांच तो हुआ बड़ा खुलासा
अनुसूचित जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर पिछड़े वर्ग का हेड कांस्टेबल पुलिस विभाग में नौकरी करता रहा। शिकायत पर गृह जनपद वाराणसी के उप जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई
जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी हेड कांस्टेबल को बर्खास्त करने के साथ ही महानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह है मामला
इंस्पेक्टर ने बताया कि अप्रैल 2022 में एडीजी स्थापना और आईजी मध्य जोन पीएसी का पत्र आया। जिसमें 10वीं वाहिनी पीएसी बाराबंकी के हेड कांस्टेबल वाराणसी के बउरहवां बड़ागांव निवासी ओम प्रकाश पर जाली जाति प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी करने के आरोप की जांच के लिए कहा गया।
यादव जाति का पाया गया आरोपी
आदेश पर ओम प्रकाश के गृह जनपद वाराणसी पुलिस से जांच कराई गई। वाराणसी पुलिस ने निर्देश पर जांच की। एक सितंबर 2022 को एसपी ग्रामीण वाराणसी ने जांच तो हेड कांस्टेबल यादव जाति के पाए गए।
भर्ती के दौरान ओम प्रकाश ने यादव जाति छिपाकर अनुसूचित जनजाति के आदिवासी ट्राइबल्स (बुक्सा) जाति के सदस्य होने का फर्जी प्रमाण पत्र निजी लाभ हासिल करने के लिए 1997 में नौकरी हासिल की थी।

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