मुसलमान मर्द क्यों नहीं पहनते हैं सोना? वजह जान उड़ जाएगी रातों की नींद

मुसलमान मर्द क्यों नहीं पहनते हैं सोना? वजह जान उड़ जाएगी रातों की नींद

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इस्लाम में दो बुनियादी सिद्धांत हैं, हराम और हलाल, जिनका हर मुसलमान सख्ती से पालन करता है। आपको पता ही होगा कि इस्लाम में पुरुषों को सोने से बने आभूषण पहनने से मना किया जाता है।

उनके लिए यह हराम के बराबर है। यहां तक ​​कि सोने की अंगूठी या चेन पहनना भी सख्त मना है। लेकिन इस्लाम में महिलाओं को इन नियमों से छूट दी गई है। महिलाएं सोने से बने आभूषण जीतने मर्जी उतने पहन सकती हैं।

  • क्या है इसके पीछे कारण ?
  • जन्नत में पुरुषों को सोना पहनने की इजाजत
  • क्या है इसके पीछे कारण ?

    इस्लाम के आदर्श पैगंबर मोहम्मद ने कहा है कि पुरुषों को दो चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिनमें से पहली है सोना और दूसरी है रेशम से बने कपड़े। इस्लामी महिलाओं के लिए दोनों चीजों की अनुमति है। हालांकि, पुरुष सोने की जगह चांदी से बने आभूषण पहन सकते हैं।

    इस बारे में पूछे जाने पर दिल्ली वक्फ बोर्ड की मस्जिद से जुड़े मौलाना ने कहा कि इस्लाम में पुरुषों को सोना पहनने से मना किया गया है क्योंकि हमारे पैगंबर मोहम्मद ने ऐसा कहा है। जो लोग पैगंबर मोहम्मद के अनुयायी हैं, उनके लिए यह हराम काम है। महिलाओं को इन नियमों से पूरी तरह छूट दी गई है। पैगंबर के आदेश के कारण हम उनके आदेशों का पालन करते हैं।

  • जन्नत में पुरुषों को सोना पहनने की इजाजत

    पहले के राजा दूसरों को नीचा दिखाने के लिए सोने के आभूषणों का इस्तेमाल करते थे। वे सोने के बर्तनों में खाना खाते थे। इन सभी असमानताओं से बचने के लिए उन्होंने पुरुषों के लिए ऐसा फरमान जारी किया जिसका पालन इस्लाम को मानने वाले हर पुरुष को करना पड़ता है। सोना एक बहुत ही कीमती धातु है, जिसकी वजह से सोना पहनने से बुराई आती है, जिससे चोरी और मौत जैसी गुनाह आए दिन देखने को मिलता है।

    इस्लामी कानून (शरिया) ने भी पुरुषों के लिए सोने के इस्तेमाल को हराम करार दिया है। सोना पहनने की इजाजत सिर्फ जन्नत में है, क्योंकि जन्नत में किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं होगा। सभी लोग बराबर होंगे। वहां कोई अहंकारी नहीं होगा। शरिया के मुताबिक इस्लाम में जन्नत में सिर्फ पुरुष ही सोना पहन सकते हैं।