आत्महत्या करने का अजीब कारनामा आया सामने, प्रेमी करता रहा यमराज का पीछा और यमराज रहे भागते

आत्महत्या करने का अजीब कारनामा आया सामने, प्रेमी करता रहा यमराज का पीछा और यमराज रहे भागते

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प्रेमिका की बेवफाई से आहत प्रेमी ने आत्महत्या करने के दो तरीकों का किया प्रयोग, हालत गंभीर


पहले लगाई फांसी, जब नहीं गई जान, तो डीज़ल डालकर स्वयं को लगाई आग, झुलसा


परिजनों व पड़ोसियों ने गंभीर हालत में प्रेमी को पहुँचाया अस्पताल, रेफर


स्वयं प्रेमी ने अपनी प्रेम कहानी का दर्द बयां कर दी घटना की जानकारी

रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647


बछरावां रायबरेली। थाना क्षेत्र के अंतर्गत राजामऊ गाँव से एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसने ढाई अक्षर के सार्थक शब्द प्रेम पर दाग लगाने का काम किया है। विदित हो कि उक्त गांव के रहने वाले एक युवक यानी प्रेमी प्रमोद कुमार पुत्र रामप्यारे उम्र 28 वर्ष ने अपनी प्रेमिका की बेवफाई से आहत होकर सोमवार दोपहर अपने जीवन को समाप्त करने का फैसला करते हुए एक बार नहीं अपितु दो बार यमराज का पीछा किया, लेकिन यमराज भी उसके द्वारा आत्महत्या करने के इन प्रयासो से भागते हुए नजर आए। प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले उक्त प्रेमी प्रमोद ने अपने घर के एक बंद कमरे के अंदर फांसी के फंदे से लटक कर अपनी जीवनलीला समाप्त करने का फैसला किया। साथ ही साथ उसने फांसी के फंदे पर लटकी हुई अपनी फोटो भी अपनी प्रेमिका को उसके मोबाइल पर भेजी, लेकिन जब उक्त प्रेमी की जान फांसी लगाने से नहीं गई तो उसने आत्महत्या का दूसरा तरीका अपनाते हुए कमरा बंद कर स्वयं के ऊपर डीजल डालकर आग लगा ली, आग लगाने के बाद वह युवक गंभीर रूप से तड़पता हुआ चीख पुकार मचाने लगा। वहीं आसपास मौजूद परिजनो एवं पड़ोसियों के द्वारा किसी तरह कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला गया और तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावा पहुंचाया गया। जहां मौजूद चिकित्सक के द्वारा युवक का प्राथमिक उपचार करने के पश्चात उसकी हालत को अत्यधिक गंभीर देखते हुए उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वही बात की जाए तो प्रेमिका की बेवफाई से आहत होकर उक्त कदम उठाने के दौरान घटित हुई इस संपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी प्रेमी के द्वारा स्वयं दी गई है। साथ ही साथ उसके द्वारा यह भी बताया गया है कि उसका उसकी प्रेमिका के साथ लगभग एक-दो वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, बीते रविवार व सोमवार की रात मोबाइल फोन पर बातचीत के दौरान उसका उसकी प्रेमिका के साथ वाद विवाद हो गया, जिससे आहत होकर उसने यह कदम उठाया है। लेकिन मृत्यु के स्वामी यमराज भी उक्त प्रेमी के द्वारा आत्महत्या करने के लिए उठाए गए इन दोनों कदमों से भागते हुए नजर आए। अब ऐसे में सोचनीय बिंदु यह है कि जिस ढाई अक्षर के सार्थक शब्द प्रेम को पृथ्वी पर आकर स्वयं नारायण ने परिभाषित किया है, उस प्रेम पर आजकल के ऐसे प्रेमी जो आत्महत्या जैसे कदम को उठाकर दाग लगाने का काम कर रहे हैं। जो कहीं न कहीं वास्तविक प्रेम की परिभाषा की तौहीन है।