रायबरेली- ऊंचाहार कस्बे से खरौली मार्ग बना जी का जंजाल ?

रायबरेली- ऊंचाहार कस्बे से खरौली मार्ग बना जी का जंजाल ?

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रिपोर्ट- सागर तिवारी

ऊंचाहार, रायबरेली- रायबरेली में आठ किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन सड़क ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है। इस सड़क पर प्रतिदिन सैकड़ों लोग गिरकर घायल हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
ऊंचाहार कस्बे से खरौली गंगा नदी तक करीब आठ किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। कार्य शुरू होने के बाद से ही ग्रामीणों ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे।
कंदरावा गांव के बीडीसी और क्षेत्र पंचायत सदस्य विजयपाल समेत अन्य ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए इसे खोदकर गिट्टी डाल दी गई है, जिससे सड़क पर गिट्टी का दलदल बन गया है। इससे बाइक और साइकिल सवारों के फिसलने की संभावना बढ़ गई है, और चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।कंदरावा के क्षेत्र पंचायत सदस्य विजयपाल, ननकू गांव के गुड्डन यादव और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क पिछले करीब 10 सालों से टूटी हुई थी। इसके कारण आसपास के लगभग 150 गांवों की 40 हजार आबादी और फतेहपुर जनपद से सब्जी मंडी आने-जाने वाले किसान व व्यापारी परेशान थे।
क्षेत्रीय विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय के प्रयासों के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से पांच मीटर चौड़ी सड़क बनाने की मंजूरी दी थी और निर्माण कार्य शुरू हुआ था। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदाई संस्था द्वारा सड़क निर्माण में जानबूझकर देरी की जा रही है।

ग्रामीणों ने स्थानीय अधिकारियों, जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से इस संबंध में शिकायत करने की बात कही है। वहीं, लोक निर्माण विभाग खंड एक की अवर अभियंता किरन ने बताया कि बिजली, जल और वन विभाग की ओर से लापरवाही के कारण कहीं-कहीं सड़क निर्माण की गति धीमी है। उन्होंने कहा कि तीनों विभागों द्वारा तेजी लाने पर बचे हुए स्थानों पर सड़क का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा, खासकर कस्बे के पास जहां सीसी रोड का निर्माण होना है।