रायबरेली-निवेश के नाम पर साइबर ठगी के एक बड़े मामले का हुआ खुलासा,पर कार्रवाई पर सवाल ?

रायबरेली-निवेश के नाम पर साइबर ठगी के एक बड़े मामले का हुआ खुलासा,पर कार्रवाई पर सवाल ?

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रिपोर्ट- सागर तिवारी

ऊंचाहार/रायबरेली- रायबरेली निवेश के नाम पर साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। इस संबंध में छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। ऊंचाहार के एक बैंक खाते में दो महीने के भीतर 8.27 लाख रुपये की संदिग्ध लेनदेन सामने आई थी।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय की वित्तीय खुफिया इकाई (FIU) पोर्टल से मिली संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी के बाद क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई की। ऊंचाहार कोतवाली में छह आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में बस्ती जिले का एक शातिर भी शामिल है।

यह बैंक खाता रैयापुर मजरे कोटिया चित्रा गांव निवासी नितेश कुमार के नाम पर था। खाते में 20 जनवरी से 29 फरवरी 2024 के बीच 8.27 लाख रुपये जमा किए गए और कुछ ही दिनों में निकाल भी लिए गए। इन धनराशि का लेनदेन देश के छह अलग-अलग राज्यों में हुआ था।वित्त मंत्रालय की सूचना पर रायबरेली साइबर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की। खाताधारक नितेश से पूछताछ में पता चला कि उसे पैसों की जरूरत थी। उसने गांव के नकुल जायसवाल से काम दिलाने को कहा। नकुल ने नितेश को अपना बैंक खाता खुलवाकर महराजगंज कस्बा निवासी अर्णव गुप्ता को पूरी जानकारी देने और लेनदेन का दो प्रतिशत कमीशन दिलाने का लालच दिया था। इस तरह नितेश इस धोखाधड़ी का हिस्सा बन गया।क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी लोगों को विभिन्न योजनाओं में निवेश का झांसा देकर अपने खातों में पैसे मंगाते थे। जांच में नितेश, नकुल और अर्णव गुप्ता के साथ ऊंचाहार के अरखा गांव निवासी शुभम और बस्ती जिले के कप्तानगंज निवासी विशाल निषाद की संलिप्तता सामने आई है। ये सभी निवेश के नाम पर जालसाजी कर रहे थे।
प्रभारी निरीक्षक साइबर क्राइम अजय सिंह तोमर ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सीओ गिरिजा शंकर ने पुष्टि की कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।