टीबी कार्यक्रम के पदाधिकारी ने काशी विश्वनाथ के सामने रखी अपनी मांगे, प्रधानमंत्री कार्यालय में सौंपा मांगपत्र

टीबी कार्यक्रम के पदाधिकारी ने काशी विश्वनाथ के सामने रखी अपनी मांगे, प्रधानमंत्री कार्यालय में सौंपा मांगपत्र

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

वाराणसी- उत्तर प्रदेश टीबी प्रोग्राम में काम कर रहे संविदा कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने काशी विश्वनाथ बाबा के दरबार में अपना मांग पत्र सोपा है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के कर्मचारी करीब 25 साल से काम कर रहे हैं। इसमें कई कर्मचारी तो 50 साल के ऊपर के हैं। जैसा कि कर्मचारियों को लग रहा है कि 2025 में टीबी मुक्त भारत किया जा रहा है, लिहाजा कर्मचारियों में डर है कि 2025 के बाद हम इस उम्र में वह कहां जाएंगे। उनके भविष्य पर आर्थिक संकट का खतरा मंडरा रहा है।

हाल ही में टीबी कार्यक्रम के पदाधिकारियों ने बीमा पॉलिसी लागू होने पर यूपी सरकार व उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को धन्यवाद दिया। इसी क्रम में अब कर्मचारियों की सरकार से मांग है पूर्व में दिवंगत कार्यक्रम के लोगों के परिवार को दया के आधार पर एक सम्मानजनक धनराशि  राहत कोष देकर मदद की जाए । 

इसी उद्देश्य को ध्यान रखते हुए उत्तर प्रदेश क्षयरोग के उपचार पर्यवेक्षकों के प्रदेश अध्यक्ष अपनी अर्जी को लेकर बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचे। इसके बाद पदाधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाराणसी के PMO ऑफिस में अपना मांग पत्र सोपा। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह जगदीश नारायण सिंह, राज्य कार्यकारिणी सदस्य रमेश कुमार यादव, जोनल अध्यक्ष अल्केश अवस्थी, विक्रांत गुप्ता, टीबीएचबी प्रदेश प्रभारी प्रदेश कोषाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी, इफ्तिखार अहमद, अभिषेक प्रताप सिंह, दिनेश ,प्रदीप यादव और बृजेश गुप्ता मौजूद रहे।