रायबरेली - मीटर रीडरों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युत उपभोक्ता

रायबरेली - मीटर रीडरों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युत उपभोक्ता

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रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647

बछरावां , रायबरेली- जहां एक ओर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा विभिन्न प्रकार की विद्युत योजनाएं चलाकर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को सुधारने एवं विद्युत उपभोक्ताओं को सहूलियत देने का काम कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर विकास क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युत उपभोक्ताओं को मीटर रीडरों की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विदित हो कि विकास क्षेत्र के अंतर्गत दो विद्युत उपकेंद्र मौजूद है, एक बछरावां विद्युत उपकेंद्र तो दूसरा बिशनपुर विद्युत केंद्र। दोनों विद्युत केंद्रो के क्षेत्र में निजी एजेंसी के मीटर रीडर तैनात किए गए हैं। जिन्हें विभाग से संबंधित मीटर रीडिंग निकालने के कार्य में लगाया गया है। परंतु इन मीटर रीडरों की लापरवाही का परिणाम विकास क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्युत उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। समय पर मीटर रीडर के द्वारा मीटर रीडिंग न निकालने को लेकर विद्युत उपभोक्ता अत्यधिक विद्युत बिल चुकाने का नुकसान झेल रहे हैं। इस गंभीर समस्या के विषय में जब ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न विद्युत उपभोक्ताओं से बातचीत की गई, तो उन उपभोक्ताओं में से किसी के द्वारा यह बताया गया कि हमारे गांव में तो 3 महीने पहले मीटर रीडर रीडिंग निकाल कर गए थे, किसी के द्वारा 2 महीने का हवाला दिया गया, तो किसी के द्वारा ढाई महीने पहले मीटर रीडर के आने की बात कही गई। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युत उपभोक्ताओं की इस गंभीर समस्या को लेकर जब संबंधित विभाग के उपखंड अधिकारी भूषण कुमार से उनके विभागीय सीयूजी दूरभाष नम्बर 9415901235 पर बातचीत की गई तो उन्होंने उक्त समस्या को सहर्ष स्वीकारते हुए बताया कि उक्त मीटर रीडर की जो एजेंसी है, उसको कई बार पत्र एवं विभिन्न माध्यमों से मीटर रीडरों की संख्या बढ़ाने की सूचना दी जा चुकी है। परंतु अभी तक उनके द्वारा इसमें सुधार नहीं किया गया। साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या प्रबल है, जल्द ही इसमें सुधार किया जाएगा, ताकि विद्युत उपभोक्ताओं को सहूलियत मिल सके। अब देखने वाली बात यह होगी कि आखिरकार विद्युत विभाग के आलाधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं की इस जटिल समस्या का कब तक निराकरण करते हुए नजर आते हैं, यह एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है?