रायबरेली-गरीब बनकर धारा 67 क के तहत भूमि लाभ लेने के पांच आदेश खारिज,शेष पर लटकी तलवार

रायबरेली-गरीब बनकर धारा 67 क के तहत भूमि लाभ लेने के पांच आदेश खारिज,शेष पर लटकी तलवार

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रिपोर्ट- सागर तिवारी

- समाजसेवी की शिकायत पर हरकत में आया था प्रशासन

ऊंचाहार , रायबरेली - गरीब बनकर धारा 67 क के तहत बेस कीमती जमीन अपने नाम दर्ज कराने वाले पांच लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हुई है । उनके नाम जारी हुए आदेश को निरस्त कर दिया गया है । इसमें अन्य लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है । इस पूरे प्रकरण में प्रशासन ने तब कार्रवाई शुरू की थी जब इसका खुलासा करते हुए समाजसेवी मनीष शुक्ल ने शिकायत की थी ।
        इस प्रकरण में मंडलायुक्त ने गहनता से जांच करके कार्रवाई का निर्देश दिया था । यह मामला तब जानकारी में आया जब क्षेत्र के पूरे राम जियावन मजरे सावापुर नेवादा निवासी मनीष शुक्ल ने अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि धारा 67 क का अनुचित लाभ देते हुए कुल 12 धनाढ्य लोगों को ज़मीन दी गई है । इसमें उन्होंने पूर्व  एसडीएम न्यायिक और एसडीएम के पेशकार की भूमिका संदिग्ध बताया था । पूरे मामले की जांच जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने भी आदेश दिया था ।  जिसके बाद शुरू हुई तो प्रारंभिक दौर पांच लोगों के पक्ष में किए गए आदेश को निरस्त किया गया है । एसडीएम राजेश कुमार श्रीवास्तव ने  सरोज लता निवासिनी मदारीगंज , रामदास आदि निवासी  मदारीगंज सहित पांच लाभार्थियों को अपात्र पाते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की है । इस मामले में सात अन्य लाभार्थियों के विरुद्ध भी शिकायत पर जांच लंबित है । एसडीएम का कहना है कि अन्य मामलों में भी जांच और कार्रवाई चल रही है । 

दोषी अधिकारियों , कर्मचारियों को बचाया गया 

धारा 67 क का अनुचित लाभ पाने के मामले में शुरू हुई कार्रवाई के बीच शिकायत कर्ता मनीष शुक्ल ने आरोप लगाया गया है कि इसमें केवल लाभार्थियों के पक्ष में किए गए आदेश को निरस्त किया गया है । जबकि पूर्व में साठगांठ करके आदेश करने वाले अधिकारी और उसमें अपनी आख्या रिपोर्ट लगाने वाले कर्मचारियों को बचाया गया है । नियमानुसार उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि मामले में पुनः शिकायत करके अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच की मांग की जाएगी ।