रायबरेली-सरेनी में जनसमस्याओं को लेकर सत्याग्रह शुरू, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

रायबरेली-सरेनी में जनसमस्याओं को लेकर सत्याग्रह शुरू, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

रायबरेली-सरेनी कस्बे में वर्षों से लंबित बुनियादी जनसमस्याओं को लेकर आज सरेनी सत्याग्रह की शुरुआत हुई। सत्याग्रह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और युवाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन का ध्यान सरेनी की ज्वलंत समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
सत्याग्रह के दौरान प्रमुख रूप से पांडे मार्ग पर पानी की टंकी की बदहाल स्थिति, सरेनी सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, सरेनी बाजार में सार्वजनिक शौचालय न होने से महिलाओं और व्यापारियों को हो रही परेशानी, तथा सरेनी शहीद स्मारक के मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बार-बार ज्ञापन देने और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, जिससे जनता में गहरा रोष है। सत्याग्रह स्थल पर “सरेनी मांगे हिसाब”, “विकास हमारा अधिकार है” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।
सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे अभिनव तिवारी "संगम" ने कहा कि
“यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सरेनी की जनता के हक और सम्मान की लड़ाई है। जब तक समस्याओं का ठोस समाधान नहीं होगा, सत्याग्रह शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा और नहीं तो आमरण अनशन होगा।
इस सरेनी सत्याग्रह कार्यक्रम को समर्थन देने लालगंज के पूर्व अध्यक्ष अनूप बाजपेई, सिद्धार्थ त्रिवेदी, अतुल शर्मा, जितेंद्र द्विवेदी, शिवम, सुजल, अंकित, सुमित, सुहैल हाशमी, मो नईम, लाला , पिंटू निर्मल, सर्वेश कुमार राजकुमार बाजपेई, विनीता गुप्ता, आशीष गुप्ता आदि उपस्थित रहे।