टमाटर के बाद प्याज ने बिगाड़ा बजट, अर्थशास्त्रियों का दावा- छह फीसदी के पार पहुंचेगी महंगाई

टमाटर के बाद प्याज ने बिगाड़ा बजट, अर्थशास्त्रियों का दावा- छह फीसदी के पार पहुंचेगी महंगाई

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टमाटर के बाद प्याज की लगातार बढ़ रहीं कीमतें खुदरा महंगाई को बढ़ाकर नवंबर और दिसंबर में छह फीसदी के ऊपर पहुंचा सकती हैं। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि 13 नवंबर को आने वाले अक्तूबर के खुदरा महंगाई के आंकड़ों में प्याज का असर दिख सकता है।

ऐसे में अक्तूबर में खुदरा महंगाई 5 फीसदी से ऊपर रह सकती है। चालू महीने के पहले हफ्ते में प्याज के दाम अक्तूबर के पहले हफ्ते की तुलना में 75 फीसदी बढ़ गए हैं।

नोमुरा के अर्थशास्त्रियों सोनल वर्मा और ऑरोदीप नंदी ने कहा, अक्तूबर में सब्जी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। हमारा अनुमान है कि खुदरा महंगाई सितंबर के पांच फीसदी से बढ़कर अक्तूबर में 5.3 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगी। हालांकि, टमाटर की कीमतें में गिरावट से अक्तूबर में महंगाई पर नियंत्रण रहने की उम्मीद है। लेकिन आगे स्थिति खराब हो सकती है। नवंबर एवं दिसंबर में खुदरा महंगाई और तेजी से बढ़ेगी, लेकिन नए साल में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। 

अक्तूबर-नवंबर में बढ़ते हैं दाम
अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, सितंबर और अक्तूबर में मानसून से प्याज की फसल प्रभावित हुई है, लेकिन आपूर्ति में टमाटर के जैसी बहुत ज्यादा अड़चन नहीं है। मौसमी तौर पर, प्याज की कीमतें अक्तूबर और नवंबर में बढ़ती हैं और फिर दिसंबर या जनवरी में गिर जाती हैं। 28 अक्तूबर तक सरकार के पास 5 लाख टन प्याज का भंडार था। इसमें से 1.70 लाख टन प्याज सस्ते भाव पर बेचने के लिए बाजार में छोड़ा गया है।

सब्जियों के दाम मासिक आधार पर मामूली बढ़े
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की अर्थशास्त्री गौरा सेनगुप्ता का कहना है कि सब्जियों की कीमतों में मासिक आधार पर मामूली तेजी देखने को मिल रही है। आंकड़ों के मुताबिक, रोजाना आधार पर खाद्य कीमतों से पता चलता है कि अक्तूबर में प्याज की कीमतें मासिक आधार पर 10.9 फीसदी बढ़ी हैं। हालांकि, इस दौरान टमाटर की कीमतों में 9.3 फीसदी की गिरावट आई है। आलू के दाम मामूली घटे हैं। खुदरा महंगाई में प्याज का भार 0.64 फीसदी और टमाटर का 0.57 फीसदी है।

हर साल 40% तक बढ़ रही मुद्रास्फीति
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, खुदरा कीमतें सालाना आधार पर 30-40 फीसदी बढ़ रही हैं, इसलिए अक्तूबर में महंगाई दर में 0.19 से 0.24 फीसदी की वृद्धि दिख सकती है। हालांकि, अर्थशास्त्रियों का तर्क है कि जुलाई-अगस्त में 6 फीसदी से ऊपर रहने वाली महंगाई अब उस स्तर पर नहीं पहुंचेगी। उस समय यह आरबीआई के 6 फीसदी के संतोषजनक दायरे के बाहर थी।