रायबरेली-कमलेश रस्तोगी की बहू श्रीमती प्रियम राज रस्तोगी बनीं आल इंडिया मीसटर इंडिया ग्लोबी की द्वितीय रनर-अप

रायबरेली-कमलेश रस्तोगी की बहू श्रीमती प्रियम राज रस्तोगी बनीं आल इंडिया मीसटर इंडिया ग्लोबी की द्वितीय रनर-अप

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महराजगंज- रायबरेली-लखनऊ व रायबरेली व सुल्तानपुर । जिले के लिए गर्व का विषय है कि कमलेश रस्तोगी की बहू श्रीमती प्रियम राज रस्तोगी ने यूपी मीसटर इंडिया ग्लोबी  प्रतियोगिता में 2nd रनर-आल इंडिया का खिताब अपने नाम किया। इस उल्लेखनीय उपलब्धि से उन्होंने न केवल अपने परिवार का मान बढ़ाया है बल्कि जनपद व प्रदेश का नाम भी रोशन किया है।
देश भर  से चुनिंदा प्रतिभागियों ने इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में भाग लिया। अलग-अलग राउंड्स जैसे इंट्रोडक्शन, टैलेंट शो, प्रश्नोत्तर एवं पर्सनालिटी टेस्ट में प्रियम राज रस्तोगी ने आत्मविश्वास और गरिमा से अपना प्रदर्शन किया। निर्णायकों को प्रभावित करते हुए उन्होंने फाइनल में द्वितीय रनर-अप का खिताब हासिल किया।
श्रीमती प्रियम राज रस्तोगी का जन्म एक संस्कारी परिवार में सुल्तानपुर के प्रसिद्ध उद्धयोगपति सुरेश कुमार सोनी व श्री मति विमला सोनी जी के यहाँ हुवा । बचपन से ही उन्हें शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में विशेष रुचि रही। उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की है और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करती रही हैं। उनकी गहरी रुचि फैशन, आर्ट एंड कल्चर, समाजसेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में है।
इनका बिवाह रायबरेली के प्रसिद्ध उद्योगपति व नेता कमलेश रस्तोगी व श्रीमती मीना रस्तोगी के सुपुत्र  आई आई एम पास आउट अंकुर रस्तोगी के साथ ४ दिसंबर २०२४ रमाडाहोटल लखनऊ में हुवा थ तब से इनका पूरा परिवार एम जी हाईट्स वृंदावन सेक्टर ६ ए लखनऊ में रहता है 
उनकी इस सफलता में परिवार का सहयोग और आशीर्वाद अहम रहा। पति व ससुरालजनों ने हर कदम पर उनका उत्साह बढ़ाया। कमलेश रस्तोगी परिवार ने इस उपलब्धि को पूरे समाज के लिए प्रेरणा बताया और गर्व व्यक्त किया।
प्रियम राज रस्तोगी ने अपनी इस उपलब्धि को महिला सशक्तिकरण और समाजसेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि
"इस मंच ने मुझे यह विश्वास दिलाया है कि महिलाएँ अगर ठान लें तो जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं। आने वाले समय में मैं समाज की महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य करना चाहती हूँ।
इस सम्मानजनक उपलब्धि के बाद परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और स्थानीय समाजसेवियों ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं और भविष्य में और ऊँचाइयाँ हासिल करने की कामना की।