अपने सरकारी वाहन का ही काट दिया चालान; पति के स्कूटी पर भी लगाया 3000 का जुर्माना
नाहन। जिला सिरमौर की क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सोना चंदेल ने अपने विभाग की सरकारी वाहन (HP 63 C-7365) का चालान किया, बल्कि अपने पति की स्कूटी (HP 71-9045) पर भी नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाया।
यही वजह है कि आज उनकी पहचान एक सख्त, ईमानदार और मिसाल कायम करने वाली महिला अधिकारी के रूप में बन चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक यह मामला 20 दिसंबर 2025 का है। आरटीओ सोना चंदेल सुबह के समय काला अंब क्षेत्र में वाहनों की नियमित चेकिंग पर निकली थीं। इस दौरान बैरियर स्टाफ भी निजी वाहनों का इस्तेमाल कर रहा था। जांच के दौरान उन्होंने कर्मचारियों से वाहनों के दस्तावेजों को लेकर सवाल किया।
सभी ने दस्तावेज सही होने की बात कही, लेकिन तभी एक कर्मी ने धीमी आवाज में यह कह दिया कि मैम, आपके सरकारी वाहन (HP 63 C-7365) का प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) एक्सपायर हो चुका है।
यह सुनते ही मौके पर मौजूद सभी लोग हैरान रह गए, जब आरटीओ ने बिना किसी हिचक के अपने ही सरकारी वाहन का 500 रुपये का चालान काट दिया। इतना ही नहीं, तुरंत ही वाहन का वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र भी बनवाया गया। जानकारों का कहना है कि यदि यह सिर्फ दिखावे की कार्रवाई होती, तो यह बात दो हफ्ते बाद सामने नहीं आती।
यह पहला मौका नहीं है जब सोना चंदेल ने अपनों पर ही कानून का डंडा चलाया हो। इससे पहले हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अभियान के दौरान उनके पति की स्कूटी (HP 71-9045) पर यह प्लेट नहीं पाई गई। जानकारी मिलते ही आरटीओ ने बिना किसी रियायत के 3,000 रुपये का चालान काट दिया।
सूत्र बताते हैं कि यह राशि बाद में उन्होंने खुद अपनी जेब से अदा की। पति के चालान का मामला 27 मई 2025 का है। कामकाज के मोर्चे पर भी आरटीओ सोना चंदेल का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। वर्ष 2024-25 में चालान के माध्यम से उन्हें जहां डेढ़ करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य दिया गया था, वहीं उन्होंने करीब ढाई करोड़ रुपये सरकार के खजाने में जमा कराए।
मौजूदा वित्त वर्ष में भी डेढ़ करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले अब तक करीब पौने तीन करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया जा चुका है। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते परिवहन विभाग की ओर से सिरमौर को टोयोटा की हाइब्रिड वाहन अतिरिक्त पुरस्कार के रूप में प्रदान की गई।
जानकारों का मानना है कि सोना चंदेल का यह कदम यह साबित करता है कि कानून सबके लिए बराबर है-चाहे आम नागरिक हो या खुद अधिकारी। जब इस पूरे मामले पर आरटीओ सोना चंदेल से संपर्क किया गया। तो उन्होंने 20 दिसंबर को चालान काटने की पुष्टि की और पति की स्कूटी के चालान की बात भी स्वीकार की। उन्होंने सधे शब्दों में कहा, "क्या यह भी कोई खबर है?"-लेकिन शायद यही साधारण सा जवाब उन्हें असाधारण बनाता है।

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