रायबरेली-ऊंचाहार हज़रत अली के यौमे विलादत पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, ईमाम चौक पर हुआ विशाल लंगर

रायबरेली-ऊंचाहार हज़रत अली के यौमे विलादत पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, ईमाम चौक पर हुआ विशाल लंगर

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 रिपोर्ट-सागर तिवारी



ऊंचाहार-रायबरेली। नगर के खरौली रोड स्थित मस्जिद के निकट ईमाम चौक पर शनिवार को हज़रत अली के जन्मदिवस (यौमे विलादत) के पावन अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 13 रजब की इस मुबारक तारीख पर आयोजित सार्वजनिक लंगर में ऊंचाहार और आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों अकीदतमंदों ने शिरकत की और लंगर का प्रसाद ग्रहण किया।
सौहार्द और सेवा की मिसाल इमामे जुमा मौलाना अली रज़ा रिज़वी की देख-रेख में आयोजित इस लंगर में सुबह से ही गहमागहमी बनी रही। कार्यक्रम के दौरान मौलाना अली रज़ा रिज़वी ने हज़रत अली के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने पूरे विश्व को सत्य, अहिंसा और मानवता की राह दिखाई। वे पैग़म्बर हज़रत मोहम्मद साहब के दामाद और इल्म व बहादुरी के केंद्र थे। उनके जन्मदिन (हज़रत इमाम अली जयंती) को समाज के हर वर्ग ने मिल-जुलकर हर्षोल्लास के साथ मनाया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं और गणमान्य व्यक्तियों का विशेष सहयोग रहा। इस दौरान मुख्य रूप से कौनैन अब्बास, अजहर अब्बास, अशरफ हुसैन, राहिल, ताबिश, अबूजर, अली जौहर, समीर हैदर, फराज रिज़वी और लकी हैदर सहित बड़ी संख्या में सेवादार मौजूद रहे।
लंगर की व्यवस्था इतनी सुचारू थी कि हजारों की भीड़ होने के बावजूद लोगों ने कतारबद्ध होकर शांतिपूर्ण ढंग से लंगर चखा। ईमाम चौक पर सजी रोशनी और अकीदत के इस माहौल ने आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनुपम मिसाल पेश की।