एक पति..दो पत्नियां, एक साथ की पूजा, पहली परिवार तो दूसरी मोहब्बत की निशानी
. वो कहावत तो सुनी होगी ना आपने कि शादी का लड्डू जो खाए पछताएं और जो न खाए वो भी पछताएं। मसलन आदमी अगर एक शादी करता हैं, तो वहीं शादी निभाना उसके लिए पहाड़ के समान हो जाता है और आज के दौर में उसे संभालाना ही काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में ताजनगरी आगरा के रहने वाले रामबाबू निषाद हैं जिन्होंने दो-दो शादियां कर ली हैं। और वो काफी ज्यादा सुखी जीवन बीता रहे हैं। और उनकी दोनों बीवियां कहती हैं कि जहां पर प्यार होता है। वहां पर झगड़ें जैसी कोई बात नहीं होती है। ये मामला ताजनगरी आगरा के थाना एत्माद्दौला का है।

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