रायबरेली-अवैध अतिक्रमण के कारण डेंजरस जोन बनता जा रहा है कस्बे का मुख्य चौराहा
व्यापारियों द्वारा पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत का भी नहीं दिख रहा है असर
रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647
बछरावां रायबरेली। प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सीमा पर लखनऊ प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बसा हुआ बछरावां कस्बा प्रदेश कि प्रत्येक गतिविधि में अपना एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। आए दिन इस मार्ग से प्रदेश के आला अधिकारी, राजनेता एवं अन्य संभ्रात नागरिक सहित लाखों लोग गुजरते रहते हैं। परंतु कस्बे के मुख्य चौराहे पर हाईवे के डामरीकृत मार्ग तक फैले अतिक्रमण पर उनकी नजर नहीं जाती है, क्योंकि इस अतिक्रमण की चपेट में आकर आम आदमी दुर्घटना का शिकार होकर अपना जीवन गवाता है, न कि उन अधिकारियों या राजनेताओं के परिवार का कोई सदस्य! कस्बे के मुख्य चौराहे की स्थिति यह है कि वहां पर डग्गामार वाहनों की भरमार मची हुई है। लखनऊ से रायबरेली की ओर जाने वाली बसें फलों के ठेला व्यवसायियों के अतिक्रमण के कारण हाईवे मार्ग पर खड़े होने को मजबूर है। जबकि चौराहे पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर से लेकर पुलिस के जवान तथा होमगार्ड मौजूद रहते हैं, लेकिन उन्हें यह अतिक्रमण दिखाई नहीं देता है। जिससे कहीं न कहीं उन आक्रमणकारियों से पुलिस के द्वारा आर्थिक लाभ लेने की बू भी आने का अंदेशा लग रहा है। वही रायबरेली से लखनऊ की ओर जाने वाली बसें बस स्टेशन परिसर में न जाकर हाईवे मार्ग पर खड़ी होकर यात्रियों को बैठाने लगती हैं और जहां पर यात्रियों के बैठने की जगह है, वहां पर परिवहन विभाग के अधिकारी कैंटीन का संचालन करा रहे हैं। जिससे यह भी हो सकता है कि यह संचालन भी अतिरिक्त सुविधा शुल्क के चल रहा हो। खैर परिवहन विभाग के अधिकारियों के द्वारा एक आदेश जारी किया गया था कि रायबरेली से लखनऊ की ओर जाने वाली बसें बस स्टॉप परिसर मे खड़ी होगी, वही लखनऊ से रायबरेली की तरफ जाने वाली बसें थाने की बाउंड्री और हाईवे मार्ग के बीच में लगभग खाली 15 फीट की जगह पर खड़ी होकर यात्रियों को बैठाने एवं उतारने का काम करेंगी। वही थाने की बाउंड्री वॉल के किनारे जो जगह पूर्व के थाना प्रभारियों के द्वारा अवैध अतिक्रमणकारियों से खाली कराई गई थी, वहां पर विभाग द्वारा जारी लिखित आदेश के विपरीत वर्तमान स्थिति दिखाई दे रही है और स्थानीय पुलिस के पास भी इतना समय नहीं है कि वह इस समस्या को देख सके। जबकि निवर्तमान पुलिस अधीक्षक रायबरेली डॉक्टर यशवीर सिंह के द्वारा कस्बे में अवैध अतिक्रमण के कारण उत्पन्न हो रहे जाम की इसी स्थिति को लेकर मौके से पूर्व थाना प्रभारी पंकज त्यागी को लाइन हाजिर किया गया था। और वही बीते बृहस्पतिवार को इसी अवैध अतिक्रमण के कारण एक रिटायर्ड दरोगा की पत्नी रामकली की मौत मुख्य चौराहे पर डंपर की चपेट में आने से हुई थी। इसके पश्चात एक दिन तो कस्बे की ट्रैफिक व्यवस्था मुस्तैद नजर आई, लेकिन फिर दूसरे दिन से वही "चार दिन की चांदनी, फिर अंधेरी रात" की कहावत चरितार्थ होने लगी। वहीं बीते शनिवार को जनपद के पुलिस अधीक्षक ने कस्बे के व्यापारियों के साथ कस्बे की प्रमुख समस्याओं को लेकर एक बैठक की, जिसमें व्यापारियों के द्वारा कस्बे के मुख्य चौराहे पर व्याप्त इस अवैध अतिक्रमण के कारण उत्पन्न हो रहे जाम की स्थिति का मुद्दा उठाया गया, जिस पर उन्होंने व्यापारियों को आश्वासन देते हुए तत्काल थाना प्रभारी श्याम कुमार पाल को उक्त जटिल समस्या का समाधान करने के लिए निर्देशित किया। लेकिन पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन के 24 घंटे के पश्चात कस्बे के मुख्य चौराहे हालत जस की तस बनी हुई है। क्षेत्रवासियो में इस बात की चर्चा बनी हुई है कि क्या स्थानीय पुलिस प्रशासन व ट्रैफिक पुलिस पुलिस अधीक्षक के आदेश को भी नहीं मानता है, जिसकी अवहेलना का जीता जागता नजारा कस्बे के मुख्य चौराहे की वर्तमान तस्वीरों में साफ-साफ दिखाई दे रहा है।

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