रायबरेली-एनटीपीसी के जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया घोटाले में आया नया मोड़ जाने,,,,,❓

रायबरेली-एनटीपीसी के जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया घोटाले में आया नया मोड़ जाने,,,,,❓

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 


ऊंचाहार-रायबरेली -एनटीपीसी के जीवन ज्योति अस्पताल में भर्ती प्रक्रिया में सीएमओ और ठेकेदार की मिलीभगत से एक्सरे टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और ओटी टेक्नीशियन की की गई नियुक्तियां मामले में 
बड़े पैमाने पर किए घोटाले के मामले में एनटीपीसी की चुप्पी के बाद सतर्कता आयोग में शिकायत की गई है। 
यह घोटाला तो मात्र बानगी है। दवाई खरीद फरोख्त समेत बुनियादी ढांचे में में घोटाले की बात सामने आई है।
     एनटीपीसी आवासीय परिसर स्थित इस जीवन ज्योति अस्पताल में आउटसोर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई। रिक्ति की नौकरी में न तो निविदा जारी की गई और न ही इसका प्रचार-प्रसार किया गया। अभ्यर्थियों के शैक्षिक और प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों की जांच भी नहीं की गई। साक्षात्कार प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई।
यह अस्पताल में पहला भ्रष्टाचार का मामला नहीं है। इससे पहले पूर्व सीएमओ पर भी गंभीर आरोप लगे थे। उन्होंने भर्ती का कॉन्ट्रैक्ट और दवाईयों की आपूर्ति का ठेका दिलाने के नाम पर लाखों की हेराफेरी की थी। उन्होंने ठेकेदार के खर्च पर अपनी पत्नी के साथ विदेश की हवाई यात्रा की थी। दवाईयों के ठेके के लिए 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने का मामला भी सामने आया था।
सीबीआई जांच में दोषी पाए जाने पर पूर्व सीएमओ को रिटायरमेंट से पहले ही बर्खास्त कर दिया गया था। वर्तमान सीएमओ का भी कुछ महीनों में रिटायरमेंट होना है। सूत्रों की माने तो एक यूनियन के नेता के समर्थन से ठेकेदार और सीएमओ ने यह घोटाला किया है। यदि एनटीपीसी या स्थानीय प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो आगे भी ऐसे घोटाले की योजना है। यह तो मात्र बानगी है। पड़ताल में यह भी पता चला है कि एम्बुलेंस सेवाओं और कई अन्य मामले में भी भ्रष्टचार किया गया है। मामला मिडिया की सुर्खियों में आने के बाद भी एनटीपीसी प्रबंधन ने मामले में चुप्पी साध ली। जिसके बाद एनटीपीसी संयंत्र क्षेत्र से जुड़े एक गाँव के सामाजिक व्यक्ति ने शनिवार को मामले में सतर्कता आयोजित नई दिल्ली समेत एनटीपीसी व संवदेनशील जांच एजेंसियों को शिकायती पत्र भेजकर मामले की शिकायत किया है। 
फिलहाल भर्ती घोटाले मामले में एनटीपीसी प्रबंधन की चुप्पी ने योग्य अभ्यर्थियों समेत क्षेत्र के लोगों आशंकित कर दिया है। इससे क्षेत्र के होनहार अभ्यर्थियों में कड़ी नाराजगी है।