अयोध्या में योगी कैबिनेट की बैठक कल, रामनगरी के भव्य व दिव्य स्वरूप पर लगेगी मुहर
श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ दिव्य व नव्य रूप में बदल रही अयोध्या में पहली बार योगी मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है। इसके जरिए अयोध्या को और भव्य रूप दिया जाएगा। 9 नवंबर को कैबिनेट बैठक अयोध्या में होगी।
इस तारीख की अपनी अहमियत है। कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के खासतौर पर अयोध्या से जुड़े धार्मिक, सांस्कृतिक व पर्यटन के लिहाज से अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिलने जा रही है। इसमें राज्य में जल परिवहन के संचालन के लिए उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण अधिनियम के मसौदे को मंजूरी दी जाएगी। इस एक्ट को जल्द होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पास कराया जाएगा।
परिवहन विभाग के इस प्रस्ताव के मुताबिक केंद्र सरकार की तर्ज पर यहां भी जलमार्ग प्राधिकरण बनेगा। इस प्राधिकरण में एक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव व चार अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले निदेशक होंगे। इसमें जल परिवहन लायक नदियों का सर्वे भी होगा और उसमें जलयान संचालन का काम होगा। अभी वाराणसी से हल्दिया तक जलमार्ग पर जल परिवहन का संचालन होता है।
कैबिनेट की बैठक में पर्यटन विभाग के पांच प्रस्तावों को मंजूरी दिलाई जाएगी। इसके अलावा, संस्कृति, पर्यटन, लोक निर्माण, आवास, लोक निर्माण समेत कई विभागों के प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा मकर संक्रांति व बसंत पंचमी के मेले को प्रांतीय मेले का दर्जा दिया जाएगा। इससे इन मेलों के लिए 25 से 50 लाख रुपये की रकम सरकार देगी।
इस लिए ऐतिहासिक है 9 नवंबर की तारीख
कैबिनेट की बैठक के लिए 9 नवंबर की तारीख भी अहम है। 9 नवंबर 1989 में पहली बार अयोध्या में शिलान्यास हुआ था। 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय आया, जिसके चलते अयोध्या में जन्मभूमि पर राममंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ। अब इस कैबिनेट बैठक कर मुख्यमंत्री योगी नया इतिहास लिखेंगे और अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए तमाम विकास परियोजनाओं को कैबिनेट से मंजूर करवाएंगे।

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