रायबरेली-ऊंचाहार में शिक्षा की 'डिजिटल उड़ान', शिव मंगल मौर्य इंटर कॉलेज में हाईटेक स्मार्ट क्लास का भव्य शुभारंभ

रायबरेली-ऊंचाहार में शिक्षा की 'डिजिटल उड़ान', शिव मंगल मौर्य इंटर कॉलेज में हाईटेक स्मार्ट क्लास का भव्य शुभारंभ

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रिपोर्ट-सागर तिवारी

रायबरेली-ऊंचाहार-ग्रामीण अंचल में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की गई है। ऊंचाहार स्थित शिव मंगल मौर्य इंटर कॉलेज में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 'स्मार्ट क्लासेस' का भव्य शुभारंभ किया गया। इस नई व्यवस्था के साथ ही विद्यालय ने डिजिटल शिक्षा (Digital Education) के युग में एक मजबूत कदम बढ़ा दिया है, जिससे क्षेत्र के छात्रों का बौद्धिक विकास और भी सशक्त होगा।
100 इंच की स्क्रीन पर होगी अब पढ़ाई
विद्यालय में स्थापित की गई यह स्मार्ट क्लास पूरी तरह से हाईटेक है। इसमें 100 इंच की विशाल अत्याधुनिक एलसीडी स्क्रीन (LCD Screen) और मॉडर्न कंप्यूटर सिस्टम लगाए गए हैं। अब यहाँ के छात्र पारंपरिक किताबों के साथ-साथ ऑडियो-विजुअल कंटेंट, डिजिटल प्रेजेंटेशन और ग्राफिक्स के माध्यम से पढ़ाई करेंगे। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि विज्ञान और गणित जैसे कठिन विषय अब छात्रों को रोचक और सरल लगेंगे। रटने की जगह अब 'विजुअल लर्निंग' के जरिए कॉन्सेप्ट को समझने पर जोर दिया जाएगा।
तकनीक ही भविष्य की नींव: मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित आशीष कुमार मौर्य ने स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "आज का युग तकनीक का है। शिक्षा में तकनीक का समावेश न केवल समय की मांग है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य की नींव भी मजबूत करता है। इस स्मार्ट क्लास के जरिए अब ऊंचाहार के ग्रामीण छात्रों को भी शिक्षा के वही आधुनिक अवसर मिलेंगे जो बड़े शहरों के छात्रों को प्राप्त होते हैं।"
भविष्य की तैयारी और उत्साह
इस विशेष अवसर पर डॉ. आर.पी. मौर्य और धर्मेंद्र मौर्य सहित विद्यालय का समस्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ मौजूद रहा। सभी ने विद्यालय प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए 'मील का पत्थर' बताया।
विद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है। आने वाले समय में छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) और आधुनिक चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से और भी डिजिटल संसाधन विद्यालय में जोड़े जाएंगे। स्मार्ट क्लासेस का यह शुभारंभ निश्चित रूप से ऊंचाहार क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को व्यापक रूप से सुधारेगा।