रायबरेली-चिन्मय विद्यालय में संपन्न हुई फोटोग्राफी-कार्यशाला,,,

रायबरेली-चिन्मय विद्यालय में संपन्न हुई फोटोग्राफी-कार्यशाला,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी



ऊंचाहार-रायबरेली-एनटीपीसी परिसर में स्थित चिन्मय विद्यालय में  फोटोग्राफी क्लब के छात्रों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। अमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ के फोटोग्राफी विभाग के विशेषज्ञ श्री विवेक मिश्र जी, उनके असिस्टेंट श्री अभिषेक सिंह,  प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार स्वामी एवं उप प्रधानाचार्य श्री नरेंद्र सिंह ने दीप प्रज्वलित करके कार्यशाला का शुभारंभ किया। प्रधानाचार्य और उप प्रधानाचार्य ने 'औषधीय पौध' देकर दोनों महानुभावों का हार्दिक अभिनंदन किया। प्रधानाचार्य जी ने अपने स्वागत उद्बोधन में छात्रों से कहा कि फोटोग्राफी की दुनिया बदल चुकी है । आज डिजिटल युग का  जमाना है और मोबाइल क्रांति ने फोटोग्राफी को बहुत ही आसान बना दिया है । इस रोचक वर्कशॉप में छात्रों को सबसे पहले कैमरा एवं फोटोग्राफी के इतिहास से परिचित कराया गया। इसके बाद सोलहवीं शताब्दी के         *'अब्सकुरा पिन होल  कैमरा'* की जानकारी दी गई  एवं  मॉडल बनवाया गया । काले चार्ट पेपर के दो सिलिंडर एवं बटर पेपर के एक छोटे-से टुकड़े से बने इस कैमरे से  दिखने वाली छवियों ने सबको हैरानी में डाल दिया । इस वर्कशॉप में छात्रों ने जाना कि कैमरा कैसे काम करता है। शटर-स्पीड, अपर्चर, लेंस, ब्लर, पोट्रेट आदि की छात्रों ने जानकारी प्राप्त की एवं इसका प्रयोग किया। छात्रों ने इनडोर एवं आउटडोर की फोटोग्राफी की । फोटोग्राफी कार्यशाला का वह पक्ष अत्यंत सराहनीय था जिसमें छात्रों ने फोटोग्राफी सीखने के बाद स्वयं कई प्रकार के फोटो खींचे और   अपनी कला से सभी को आश्चर्य में डाल दिया । छात्रों का यह उत्साह देखने लायक था।शाम 5:00 बजे तक चलने वाले इस कार्यक्रम में छात्रों  की आंखों की चमक ने साबित कर दिया कि उनके अंदर अपार संभावनाएं भरी पड़ी हैं।
    इसके पूर्व  इसी सप्ताह में *'शिक्षण संवर्धन कार्यशाला'* एवं *'शिक्षण कार्य की नई अवधारणा'* का आयोजन किया गया था। इन दोनों कार्यशालाओं के रिसोर्स पर्सन क्रमशः  डॉक्टर अशोक कुमार पांडे, नोएडा चिन्मय मिशन के प्रमुख स्वामी चिदरूपानंद जी एवं आईआईएम अहमदाबाद से शिक्षित श्री शशिधर आचार्य ने 'उत्तम शिक्षक कौशल' से अध्यापकों को जोड़ा।
  इस  फोटोग्राफी-कार्यशाला का समापन उपप्रधानाचार्य श्री नरेंद्र सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ । अंत में प्रधानाचार्य श्री मनीष कुमार स्वामी ने दोनों विशेषज्ञों को स्मृति चिह्न देकर आभार प्रकट किया।