रायबरेली - ग्राम पंचायत का ऐतिहासिक कारनामा, वर्षों से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय में किया जा रहा कर्मचारी भुगतान

रायबरेली - ग्राम पंचायत का ऐतिहासिक कारनामा, वर्षों से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय में किया जा रहा कर्मचारी भुगतान

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रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647

जांच में निकलेगा लाखों का घोटाला, रखरखाव के नाम पर भी हड़प की गई धनराशि 

बछरावां, रायबरेली- विकासखंड की ग्राम सभा रामपुर मोहिद्दीनपुर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि देवनारायण यादव द्वारा जिस तरह सरकारी धन का अपव्यय किया जा रहा है, वह अपने आप में ऐतिहासिक है। मजे की बात यह है कि जब भी कोई नया कर्मचारी इस ग्राम सभा में तैनात होता है। प्रधान प्रतिनिधि अपना खेल दिखाने में तत्पर हो जाते हैं, ऐसा ही एक खेल इस ग्राम सभा में संचालित सार्वजनिक शौचालय में देखने को मिला। अगर शौचालय की बिल्डिंग का अवलोकन किया जाए तो ऐसा प्रतीत होगा कि यह कोई गोदाम है। परंतु नहीं यह सार्वजनिक शौचालय है, न कोई रंगाई, न पुताई, अगल-बगल उगी हुई झाड़ियां अपने आप में यह गवाही दे रही है, कि इस परिसर के अंदर किसी भी मनुष्य की आवा जाही नहीं है। इस शौचालय का निर्माण हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, परंतु आज तक इसमें पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। अन्य ग्राम सभाओं में जहां पानी के लिए टंकी रखवाई गई है, बोरिंग की व्यवस्था की गई है, परंतु इस शौचालय भवन में यह सब कुछ नदारत दिखाई पड़ रहा है। ग्रामीणों की माने तो काफी दिन बाद शौचालय के पीछे एक हैंडपंप की बोरिंग जरूर कराई गई। परंतु उसका कोई लाभ शौचालय में नहीं मिल पाया। निरीक्षण के दौरान शौचालय के पास एकत्रित कई बुजुर्गों ने बताया कि यह शौचालय कभी भी खुलता ही नहीं है। एक बुजुर्ग ने बताया कि काफी दिन पहले एक महिला सुबह आकर इसका गेट खोल देती थी, पानी न होने के कारण गंदगी का अंबार रहता था। लोग इसमें शौच जाने के बजाय खेतों में जाना ज्यादा पसंद करते थे। उक्त बुजुर्ग ने बताया की जो महिला यहां आई थी, उसका अपने पति से संबंध विच्छेद हो गया और वह गांव छोड़कर चली गई। उसके जाने के बाद इस शौचालय का कभी ताला ही नहीं खुला। वैसे अगर इस शौचालय के अगल-बगल का अवलोकन किया जाए तो कोई भी व्यक्ति यह बता सकता है कि इस शौचालय के अंदर किसी का आवागमन नहीं है। दरवाजे के अगल-बगल झाड़ियां का अंबार है। परंतु प्रधान प्रतिनिधि देव  नारायण द्वारा लगातार वसुधा महिला स्वयं सहायता समूह को भुगतान दिया जा रहा है। इस ग्राम सभा के साथ सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि बीते 2 वर्ष के दौरान इसमें कई ग्राम पंचायत अधिकारी स्थानांतरित हुए नए की तैनाती हुई और जब भी कोई नया ग्राम पंचायत अधिकारी आया, जब तक वह कुछ समझ पाता,,प्रधान प्रतिनिधि द्वारा इस समूह का भुगतान करवा दिया गया। कुछ दिन पूर्व इस ग्राम सभा में संजीव कुमार नामक ग्राम पंचायत अधिकारी की नियुक्ति हुई और ग्राम प्रधान द्वारा 7 जून 2025 को 12000 का भुगतान करवा दिया गया। परंतु जब संजीव कुमार को इस शौचालय के संचालन की हकीकत मालूम हुई तो उन्होंने आगे भुगतान करने से इनकार कर दिया। जिसके कारण उन्हें इस ग्राम सभा से दूसरी ग्राम सभा की जिम्मेदारी सौंप दी गई अब देखने वाली बात या होगी कि खंड विकास अधिकारी बछरावां शिव बहादुर सिंह उक्त ग्राम सभा में भ्रष्टाचार की इस खूनी किताब पर कब तक अपने कार्यवाही के हस्ताक्षर करते हुए नजर आएंगे।