रायबरेली -20 लाख ओपीडी, 50 हजार भर्ती मरीज, 12 हजार सर्जरी और 71.5 लाख जांच के साथ एम्स ने स्थापित की राष्ट्रीय पहचान

रायबरेली -20 लाख ओपीडी, 50 हजार भर्ती मरीज, 12 हजार सर्जरी और 71.5 लाख जांच के साथ एम्स ने स्थापित की राष्ट्रीय पहचान

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रिपोर्ट;ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824

एम्स रायबरेली ने उत्सव की तरह मनाया सातवां स्थापना दिवस

सात वर्षों की उपलब्धियों के साथ एम्स के भविष्य का रोडमैप तैयार 

20 लाख ओपीडी, 50 हजार भर्ती मरीज, 12 हजार सर्जरी और 71.5 लाख जांच के साथ एम्स ने स्थापित की राष्ट्रीय पहचान

दस वर्षों में देश के टॉप 10 चिकित्सा संस्थानों में एम्स रायबरेली का लक्ष्य बनाएं : विनोद कुमार पॉल, नीति आयोग सदस्य

शिक्षा, रोगी देखभाल और अनुसंधान— इन तीन स्तंभों पर आगे बढ़ रहा एम्स, चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता की ओर निर्णायक कदम

रायबरेली-अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली का सातवां स्थापना दिवस मंगलवार को संस्थान परिसर में गरिमामय, उत्सवपूर्ण और भविष्य उन्मुख वातावरण में मनाया गया। एम्स के मेडिकल कॉलेज, एम्स अस्पताल, प्रशासनिक भवन, मुख्य प्रवेश द्वार, बहुउद्देशीय सभागार को रंग बिरंगी झालरों, फूलों, गुब्बारों, से दुल्हन की तरह सजाया गया। स्थापना दिवस का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ । प्रत्येक 16 दिसंबर को मनाए जाने वाले स्थापना दिवस के अवसर पर एम्स ने सात वर्षों में चिकित्सा सेवा, अकादमिक विस्तार और अनुसंधान के क्षेत्र में अर्जित उपलब्धियों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया। बताते चालक की वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संस्थान के भवनों का शिलान्यास किए जाने के बाद एम्स रायबरेली ने सीमित समय में उत्तर भारत के एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान के रूप में अपनी सशक्त पहचान स्थापित की है। कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. अमिता जैन के कार्यकाल में आयोजित यह पहला स्थापना दिवस समारोह रहा, जो संस्थान का कुल मिलाकर सातवां स्थापना दिवस है। कार्यक्रम की शुरुआत अपराह्न तीन बजे हुई। मुख्य अतिथि के रूप में  नीति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पॉल उपस्थित रहे। वे एम्स नई दिल्ली के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ रहे हैं और वर्ष 2018 से नीति आयोग के सदस्य हैं। सीएसआईआर–सीडीआरआई की निदेशक राधा रंगराजन कार्यक्रम की मानद अतिथि रहीं। कार्यक्रम के प्रारंभ में कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. अमिता जैन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि एम्स रायबरेली ने सीमित संसाधनों के बावजूद स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि अब तक संस्थान के बाह्य रोग विभाग में लगभग 20 लाख मरीजों का उपचार किया जा चुका है, जबकि अंतःरोग विभाग में लगभग 50 हजार मरीज भर्ती होकर चिकित्सा लाभ प्राप्त कर चुके हैं। संस्थान में अब तक करीब 12 हजार शल्य क्रियाएं संपन्न की जा चुकी हैं और 71 लाख 50 हजार से अधिक नैदानिक जांचें की गई हैं। चिकित्सा एवं संबद्ध पाठ्यक्रमों में वर्तमान में कुल 1023 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान अवसंरचना, चिकित्सा सेवाएं, अकादमिक सुविधाएं और अनुसंधान गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है तथा नवाचार, समावेशिता और करुणा से प्रेरित मेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और शोध में उत्कृष्टता का राष्ट्रीय केंद्र बनने के विजन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्य अतिथि विनोद कुमार पॉल ने अपने संबोधन में कहा कि एम्स रायबरेली ने सात वर्षों में जिस प्रकार सेवा, शिक्षा और संस्थागत संरचना का विस्तार किया है, वह संतोषजनक और प्रेरक है। उन्होंने कहा कि एम्स जैसे संस्थान तीन मूल स्तंभों पर आधारित होते हैं। पहला स्तंभ शिक्षा है, जिसके माध्यम से चिकित्सा और संबद्ध क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किया जाता है। दूसरा स्तंभ रोगी देखभाल है, जहां उन्नत नैदानिक जांच सुविधाओं के जरिए रोगियों को श्रेष्ठ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ अनुसंधान है, जो चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा देता है। उन्होंने कहा कि एम्स रायबरेली को अगले दस वर्षों में इंडिया टुडे सर्वे के शीर्ष दस चिकित्सा संस्थानों में स्थान बनाने का लक्ष्य तय कर उसी अनुरूप योजनाबद्ध प्रयास करने चाहिए। मानद अतिथि राधा रंगराजन ने कहा कि एम्स जैसे संस्थान देश के अनुसंधान तंत्र की रीढ़ हैं। उन्होंने औषधि विकास और चिकित्सा अनुसंधान को आगे बढ़ाने के लिए अकादमिक और वैज्ञानिक सहयोग को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। संस्थान के अध्यक्ष पद्मश्री से सम्मानित आर. वी. रमणी ने कहा कि सात वर्षों के बाद एम्स  बाल्यावस्था से बाहर निकल चुका है और अब संस्थान के तीव्र गति से आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में संस्थान राष्ट्रीय स्वास्थ्य व्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएगा।कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2025 की अकादमिक उपलब्धियों के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रत्येक सत्र में प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा विषय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके बाद नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए तीन नर्सिंग अधिकारियों और अन्य क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए एक अधिकारी को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के अंत में सामुदायिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष भोला नाथ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्य रूप से अपर जिलाधिकारी प्रशासन सिद्धार्थ और अपर पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा उपस्थित रहे। संस्थान की ओर से डीन अकादमिक नीरज कुमारी, डीन परीक्षा प्रगति गर्ग, डीन अनुसंधान अर्चना वर्मा, प्रो आर. एस. बेदी, प्रो प्रबल जोशी, प्रो रजत शुभ्र दास, प्रो मधुकर मित्तल सहित संकाय सदस्य, उपनिदेशक प्रशासन कर्नल अखिलेश सिंह, वित्तीय सलाहकार कर्नल यू. एन. राय, अपर चिकित्सा अधीक्षक नीरज कुमार श्रीवास्तव, उप चिकित्सा अधीक्षक अरुणप्रीत कौर एवं के. डी. सिंह, न्यूरो सर्जन एवं स्पाइन विशेषज्ञ सुयश सिंह सहित बड़ी संख्या में एम्स के अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, मीडिया प्रतिनिधि और एम्स के सुरक्षा कर्मी उपस्थित रहे।