रायबरेली-खरौली सड़क निर्माण में गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल,जिम्मेदार मौन

रायबरेली-खरौली सड़क निर्माण में गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल,जिम्मेदार मौन

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   रिपोर्ट-सागर तिवारी


ऊंचाहार-रायबरेली- ऊंचाहार कस्बा से खरौली गंगा नदी के पक्के पुल तक 20 करोड़ की लागत से करीब आठ किलोमीटर लंबे सड़क का निर्माण शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने शुरू कर दिए हैं। कंदरावा निवासी बीडीसी समेत अन्य लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में गिट्टी की जगह पत्थर के डस्त का उपयोग किया जा रहा है। यही नहीं पुरानी सड़क पर ही बजरी बिखेरते हुए शुरुआत में ही मानक के अनुसार सामग्री नहीं लगाई जा रही है। जिसको लेकर लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
      कंदरावा गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य विजयपाल, पूरे ननकू गांव के गुड्डन यादव, राजेंद्र पाल, राहुल कुमार, हरेंद्र कुमार, उमेश कुमार मौर्य, ऊंचाहार कस्बा निवासी विपिन कुमार, मोहम्मद मोईन, साहब नकवी, इरफान अहमद, नाटू, नितिन कुमार, अरशद नकवी आदि का कहना है कि करीब 10 सालों से सड़क टूटी हुई थी। जिसके चलते आसपास के करीब 150 गांवों की 40 हजार आबादी समेत फतेहपुर जनपद से प्रतिदिन सब्जी मंडी आने जाने वाले व्यापारियों तथा किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ता था। क्षेत्रीय विधायक डा मनोज कुमार पांडेय के प्रयास के बाद पीडब्ल्यूडी विभाग से करीब 20 करोड़ की लागत से पांच मीटर चौड़ी सड़क बनाए जाने की मंजूरी के साथ ही निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन कार्यदाई संस्था द्वारा गुणवत्ता को नजरअंदाज करते हुए बजरी और पत्थर के स्थान पर गिट्टी का बुरादा डाला जा रहा है। जहां सड़क कमजोर बनेगी वही जल्द ही टूटने के आसार हैं। ‌ ग्रामीणों ने स्थानीय अधिकारियों समेत जिलाधिकारी व प्रदेश के मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत करने की बात कही है। लोक निर्माण विभाग खंड एक की अवर अभियंता किरन ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप सड़क का निर्माण कराया जाएगा।