मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से दिसंबर में शुरू हो जाएगी हवाई सेवाएं, एयरपोर्ट का 85% से अधिक निर्माण कार्य हुआ पूरा

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से दिसंबर में शुरू हो जाएगी हवाई सेवाएं, एयरपोर्ट का 85% से अधिक निर्माण कार्य हुआ पूरा

-:विज्ञापन:-

भगवान श्रीराम की नगरी मोदी-योगी सरकार की प्राथमिकताओं के केंद्र में है। भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के साथ-साथ अयोध्या में तमाम विकास कार्यों को तेज गति से पूरा किया जा रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो इसे ध्यान में रखते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य भी तेज गति से पूरा किया जा रहा है। जनवरी माह में भव्य श्रीराम मंदिर में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले दिसंबर माह तक अयोध्या में हवाई यातायात सेवाएं प्रारंभ हो जाएंगी। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का 85 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है.

जिलाधिकारी नितीश कुमार ने श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अयोध्या के विभिन्न कार्यों के प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तीव्र गति से कार्य चल रहा है। फेज वन के सभी कार्यों को दिसंबर 2023 तक पूर्ण कर इसी कैलेंडर ईयर में एयरपोर्ट पर एयरक्राफ्ट का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के समस्त कार्यों को तीन फेजों में किया जाना है। इसके लिए परियोजना में सम्मिलित कुल 821 एकड़ भूमि अर्जन का शतप्रतिशत कार्य पूर्ण कर एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंप दिया गया है। एयरपोर्ट के फेज–वन के 2200 मीटर लंबे व 45 मीटर चौड़े रनवे का कार्य शत–प्रतिशत पूर्ण है। भविष्य में रनवे को 3750 मी तक बढ़ाए जाने की योजना है। इसके लिए भी भूमि अर्जन का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है.
उन्होंने बताया कि नाइट लैंडिंग तथा कोहरे एवं धुंध में लैंडिंग के लिए कैट–वन एवम् रेसा सुविधाओं का कार्य भी शत–प्रतिशत पूर्ण हो गया है। एयरक्राफ्टों के लैंडिंग के लिए लगाई गई लाइटिंग का कार्य पूर्ण है। एटीसी टॉवर का भी शत–प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी के अनुसार एयरपोर्ट के संचालन के लिए आने वाली रुकावटों को दूर कर दिया गया है। भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण के एयरक्राफ्ट के परिचालन से पूर्व एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) में शामिल विभिन्न घटकों यथा लोकलाइजर, ग्लाइड पथ, मार्कर, डीएमई आदि के समस्त चरणों का कैलिब्रेशन भी किया जा चुका है.