ये था डॉक्टर का पूरा परिवार ,साली की सगाई में जाने का किया था वादा
रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)
मो-8573856824
प्रयागराज में होना था कार्यक्रम, आखिरी बार सास-ससुर से हुई थी बातपरिजन करते रहे फोन, बजती रही घंटी, सूचना मिली तो मच गया कोहराम
रायबरेली- डॉ. अरुण सिंह को बृहस्पतिवार को चचेरी साली की सगाई कार्यक्रम में परिवार समेत शामिल होना था।
सभी इस तैयारी में जुटे थे, लेकिन इधर चिकित्सक और उनकी पत्नी, दो बच्चों की मौत की खबर से यह खुशियां मातम में बदल गईं।
पुलिस से खबर मिली तो किसी को इस बात का एहसास भी नहीं हो रहा था कि ऐसा कुछ हुआ होगा। परिजन घटना की खबर पर बुधवार को यहां पहुंचे तो उनका यह शक यकीन में बदल चुका था कि चिकित्सक और उनका परिवार अब इस दुनिया में नहीं रहा। घटनास्थल और पोस्टमार्टम हाऊस में परिजन बिलख पड़े।
डॉक्टर के ससुर जयप्रकाश सिंह मौर्य, सास भानुमती मौर्य मिर्जापुर जिले के थाना विंध्याचल के भानू सिंह का पुरवा उर्फ अतरौला गांव के निवासी हैं। वर्ष 2008 में उन्होंने बेटी अर्चना का विवाह चिकित्सक के साथ किया था। वह चार बहनों और एक भाई में तीसरे नंबर की थी। पिता की मानें तो एमएससी बीएड तक पढ़ी लिखी अर्चना अपने बच्चों और परिवार के साथ बहुत खुशहाल थी।
पति और पत्नी के बीच तनाव जैसी कोई बात नहीं थी। पिता ने बताया कि अर्चना की मां ने रविवार को नौ बजे रात में दामाद और बेटी से बात की थी। तब तक सब कुछ ठीक था। सोमवार को भी फोन किया, जब फोन नहीं उठा तो उन्होंने सोचा किसी काम में व्यस्त होंगे। उन्हें डॉक्टर की मां कलावती सिंह ने फोन करके मंगलवार की रात बताया कि अर्चना का फोन नहीं उठ रहा है।
अर्चना के पिता जयप्रकाश सिंह अपने परिवार के लोगों के साथ लालगंज कोतवाली बुधवार की सुबह छह बजे पहुंचे। उन्हें डॉक्टर के आवास पर लाया गया। चचरे भाई त्रिभुवन सिंह ने बताया कि अर्चना उसकी चचेरी बहन थी। उसके बड़े भाई अरुण कुमार सिंह की बेटी प्रसन्ना की प्रयागराज में बृहस्पतिवार को सगाई होनी है। जीजा और बहन ने परिवार के साथ सगाई में शामिल होने की बात कही थी। यहां आया तो खुशियां गम में तब्दील हो गईं।
तीसरे नंबर की संतान थी अर्चना
मृतक डॉक्टर के ससुर जयप्रकाश सिंह ने बताया कि उनकी चार बेटियों में अर्चना तीसरे नंबर की थी। बड़ी बेटी वंदना सिंह, दूसरी रंजना सिंह, तीसरी अर्चना, चौथी कल्पना सिंह और पांचवा बेटा अखिलेश प्रताप सिंह है। डॉक्टर अरुण के दो और भाई हैं। एक भाई अशोक कुमार गुजरात के अमदाबाद में इंजीनियर है, जबकि दूसरा भाई अनंत डॉक्टर है।
मुझे कुछ नहीं चाहिए, सब डॉक्टर के परिवार का है..
ससुर के मुताबिक उन्हें कुछ नहीं चाहिए। सब डॉक्टर के परिवार का है। जब डॉक्टर के परिवार के लोग आएंगे, तभी भीतर का सामान आदि देखा जाएगा और वह लोग जैसे चाहेंगे, वैसे ही होगा। डॉक्टर अरुण के पिता कैलाश सिंह (70) कोल इंडिया से रिटायर्ड इंजीनियर हैं। वह सोनभद्र जिले के शक्तिनगर में अपनी पत्नी कलावती सिंह के साथ रहते हैं।

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