रायबरेली-अंडरपास के लिए अब बनेगी नई डिजाइन जाने क्या है पूरा मामला,,,?

रायबरेली-अंडरपास के लिए अब बनेगी नई डिजाइन जाने क्या है पूरा मामला,,,?

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 रिपोर्ट-सागर तिवारी




- तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए कराया गया सर्वे

ऊंचाहार-रायबरेली-लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऊंचाहार कस्बे में रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाले अंडरपास की डिजाइन को लेकर कुछ पेंच फंस गया है। नए सिरे से डिजाइन बनाई जा रही है, जिसके लिए रेलवे अभियंताओं की टीम ने सर्वे किया।

इस अंडरपास से गुजरने के लिए चार मीटर चौड़ाई वाले तीन रास्ते होंगे, जिससे आवागमन में सुविधा मिल सकेगी। करीब छह करोड़ रुपये की लागत से यह अंडरपास बनाया जाना है। लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऊंचाहार कस्वे में ओवरब्रिज वना दिया गया था, जिससे क्रॉसिंग पूरी तरह बंद कर दी गई।

इससे कस्वा दो हिस्सों में बंट गया। ओवरब्रिज से आने-जाने में काफी

असुविधा हो रही है। ओवरब्रिज के बगल में क्रॉसिंग तक सर्विस रोड बनी है, लेकिन क्रॉसिंग बंद होने से लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही है, वहीं व्यापारियों को भी काफी नुकसान हो रहा है।

इस समस्या को लेकर व्यापार मंडल और नागरिकों ने लगातार आवाज उठाई, तब जाकर अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया। अंडरपास के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है। शिलान्यास भी कराया जा चुका है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कराई जा चुकी है। काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। इस बावत कहा जा रहा

है कि डिजाइन को लेकर कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। अंडरपास से गुजरने के लिए रायबरेली रोड और प्रयागराज रोड से रास्ता मिलेगा, वहीं तीसरा रास्ता एनटीपीसी रोड से भी दिया जाएगा।

पहले बनी डिजाइन में तीसरे रास्ते को लेकर कुछ समस्या आ रही है। इसीलिए नए सिरे से डिजाइन बननी है। इसके लिए
रेलवे अभियंताओं की टाम ने सर्वे कर लिया है।

छोटे चौपहिया वाहन भी निकल सकेंगे

ऊंचाहार क्रॉसिंग पर बनने वाले अंडरपास की चौड़ाई इतनी अधिक होगी कि छोटे चौपहिया वाहन भी निकल सकेंगे। सर्वे के लिए आई टीम के सदस्यों ने बताया कि अंडरपास का डिजाइन कुछ इस तरह से तैयार किया जा रहा है, ताकि तीनों रास्तों से ट्रैफिक आसानी से निकल सके। यह अंडरपास 16 मीटर लंबा, चार मीटर चौड़ा और तीन मीटर ऊंचा होगा। अंडरपास से कार, बाइक, ई-रिक्शा समेत छोटे वाहनों के साथ पैदल राहगीर निकल सकेंगे। ट्रक व बस जैसे बड़े वाहनों को ओवरब्रिज के रास्ते निकाला जाएगा। सहायक मंडल अभियंता पवन कुमार का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जो भी दिक्कतें आ रही हैं, उसके निदान के लिए सर्वे करा लिया गया है। जल्दी ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।

रोजाना गुजरते हैं 10 हजार लोग

ऊंचाहार कस्बे के लगभग 10 हजार लोगों का आवागमन क्रॉसिंग से होता है, लेकिन इन सभी को ओवरब्रिज का सहारा लेना पड़ता है। इससे लंबी दूरी तय करनी होती है। काफी लंबे संघर्ष के बाद अंडरपास बनाने को हरी झंडी मिली। अगस्त महीने में शिलान्यास भी करा लिया गया। इसके बाद भी काम शुरू होने में देरी हो रही है। इससे कस्बावासियों में गुस्सा है। खासकर व्यापार मंडल में ज्यादा नाराजगी है, क्योंकि अंडरपास न होने से व्यवसाय चौपट हो रहा है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष धर्मेंद्र मौर्य का कहना है कि अंडरपास बनना बहुत जरूरी है। अगर जल्दी काम शुरू नहीं हुआ तो फिर से आवाज उठाई जाएगी।