रायबरेली- एसडीएम की सख्ती: बभनपुर में पैमाइश में 'बंजर' निकली विवादित भूमि, अवैध निर्माण पर लगी रोक

रायबरेली- एसडीएम की सख्ती: बभनपुर में पैमाइश में 'बंजर' निकली विवादित भूमि, अवैध निर्माण पर लगी रोक

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रिपोर्ट- सागर तिवारी 

ऊंचाहार, रायबरेली- तहसील क्षेत्र के ग्राम फरीदपुर मजरे बभनपुर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के प्रयास का मामला अब प्रशासन की सख्ती के बाद गरमा गया है। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के कड़े निर्देश पर बुधवार को मौके पर पहुँची राजस्व टीम ने जब भूमि की विधिवत पैमाइश की, तो वह सरकारी अभिलेखों में 'बंजर' दर्ज पाई गई। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चल रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया और कब्जाधारकों को नोटिस थमाते हुए कड़ी चेतावनी दी है।
अभिलेखों में 'बंजर' निकली जमीन
जानकारी के अनुसार, बभनपुर गांव में एक भूखंड को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने राजस्व टीम को जांच के आदेश दिए थे। बुधवार को राजस्व निरीक्षक चन्द्र प्रकाश दीक्षित, हल्का लेखपाल पंकज वर्मा और लेखपाल पुष्पेन्द्र सोनकर की संयुक्त टीम मौके पर पहुँची। पैमाइश के दौरान चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि जिस जमीन पर निजी निर्माण कराया जा रहा था, वह असल में सरकारी बंजर भूमि है।
मौके पर रुकवाया गया निर्माण
राजस्व टीम ने पाया कि गांव की निवासी मधु मौर्य पत्नी कमलेश कुमार द्वारा उस विवादित जमीन पर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। सरकारी भूमि की पुष्टि होते ही राजस्व निरीक्षक ने कार्य को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी बंजर भूमि पर किसी भी प्रकार का निजी कब्जा या निर्माण पूरी तरह अवैध है। टीम ने बताया कि अगले दो दिनों के भीतर पूरी भूमि की विस्तृत पैमाइश कर अंतिम रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण में स्थानीय चौकी इंचार्ज की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है। आरोप है कि एसडीएम के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में दबंगों द्वारा जबरन निर्माण कार्य जारी रखने की कोशिश की जा रही थी। ग्रामीणों में चर्चा है कि यदि राजस्व टीम समय पर न पहुँचती, तो सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पक्का हो जाता। फिलहाल, प्रशासन की इस कार्रवाई से भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारकों में हड़कंप मचा हुआ है।