रायबरेली-पिता की भूमि की वरासत के लिए दौड़ते दौड़ते मर गई लवली , लेखपाल ने नहीं दर्ज की वरासत

रायबरेली-पिता की भूमि की वरासत के लिए दौड़ते दौड़ते मर गई लवली ,  लेखपाल ने नहीं दर्ज की वरासत

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      रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार -रायबरेली - एक अनाथ लड़की अपने पिता की भूमि की वरासत के लिए लेखपाल  के चक्कर लगाते लगाते हादसे का शिकार होकर मर गई । किंतु लेखपाल ने उसकी वरासत नहीं दर्ज । जिससे उसे किसान दुर्घटना बीमा का लाभ भी नहीं मिल पाया है । मृतक की बहन ने उच्च अधिकारियों से मामले की शिकायत की है ।
        मामला तहसील में निलंबित चल रहे लेखपाल विनोद मौर्य का है । इन्हे वरासत दर्ज करने के एक अन्य मामले में रिश्वत लेने के आरोप में ही निलंबित किया गया है । ताजा मामला क्षेत्र के गांव केवलपुर मजरे इटौरा बुजुर्ग का है । गांव के किसान राजेंद्र मौर्य की मृत्यु हो गई थी । उनके दो पुत्री लवली और बबली थी । उनकी मृत्यु के उपरांत लवली ने अपने पिता की भूमि की वरासत के लिए लेखपाल से संपर्क किया । जिसमें ऑनलाइन आवेदन के साथ सारी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी थी । आरोप है कि इस दौरान लेखपाल ने उससे डेढ़ डेढ़ हजार रुपए दो बार के ले लिया । वह लवली से और पैसे की मांग कर रहा था । इसी सिलसिले में वह बीते 6 मार्च को ऊंचाहार तहसील लेखपाल से मिलने आई थी । जहां से वापस जाते समय रास्ते में सड़क हादसे का शिकार हो गई । जिससे उसकी मृत्यु हो गई । अनाथ लड़की की मृत्यु की बावजूद उसकी वरासत नहीं दर्ज हो पाई थी। मृतका की बहन बबली ने जब किसान दुर्घटना बीमा के लिए आवेदन किया तो बताया गया कि भूमि की वरासत न दर्ज होने के कारण उसे इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा । बबली ने इस प्रकरण को लेकर प्रदेश के उच्चाधिकारियों से शिकायत की है । जिसमें आरोप लगाया गया है कि लेखपाल ने रिश्वत के लिए वरासत नहीं दर्ज की , जिसके कारण जहां एक ओर उसकी बहन की मौत हो गई , वहीं दूसरी ओर उसे किसान दुर्घटना बीमा का लाभ नहीं मिल पा रहा है ।