रायबरेली - थाने के दरोगा पर निर्माण रोकने और परिवार से अभद्रता का आरोप

रायबरेली - थाने के दरोगा पर निर्माण रोकने और परिवार से अभद्रता का आरोप

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ब्यूरो 

पीड़ित परिवार ने एसपी कार्यालय में दर्ज कराई शिकायत

रायबरेली- जनपद के बछरावां थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) अभिजीत विश्वकर्मा पर एक पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि दरोगा ने विरोधियों से मिलीभगत कर उनकी जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य को जबरन रोका, परिवार के सदस्यों से अभद्रता की और थाने ले जाने की धमकी दी। घटना 18 दिसंबर बृहस्पतिवार की शाम की है, जिसके बाद पीड़ित ने थाने में शिकायत की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। दिनांक 19 दिसंबर दिन शुक्रवार को पीड़ित परिवार ने रायबरेली पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर लिखित तहरीर दी और न्याय की मांग की। मामला बछरावां थाने के अंतर्गत ग्राम पहली बाजार मजरे सराय ऊमर का है। जहा के निवासी हरिराम अपनी जमीन पर निर्माण कार्य करवा रहे थे। पीड़ित पक्ष के अनुसार, 18 दिसंबर को शाम करीब 5:30 बजे विरोधी पक्ष के लोग बछरावां थाने में तैनात दरोगा अभिजीत विश्वकर्मा से सांठ-गांठ करके निर्माण स्थल पर पहुंचे और काम रोकने की कोशिश की। इस दौरान दरोगा अभिजीत विश्वकर्मा ने हरिराम और उनके परिवार से अभद्रता की। हरिराम की बेटियां माधुरी और लक्ष्मी ने जब दरोगा को अपनी आपबीती सुनाने की कोशिश की, तो अभिजीत विश्वकर्मा ने हरिराम से अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें पुलिस गाड़ी में बैठने के लिए कहा। इतना ही नहीं, उन्होंने हरिराम की दोनों बेटियों और उनकी पत्नी से भी अभद्रता की और पूरे परिवार को थाने ले जाने की धमकी दी। पीड़ित परिवार का कहना है कि यह सब विरोधियों की मिलीभगत से हुआ, ताकि निर्माण कार्य रुकवाया जा सके।घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने बछरावां थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन थाने की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की गई। इससे आहत होकर (19 दिसंबर) को हरिराम अपने परिवार और बेटियों समेत रायबरेली एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने लिखित तहरीर में दरोगा अभिजीत विश्वकर्मा पर अभद्रता, धमकी और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाते हुए जांच और कार्यवाही की मांग की है।