गुजरात CM से भारत के PM तक, 24 साल की लगातार ड्यूटी: Narendra Modi के 'अटूट समर्पण' की क्या है कहानी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वे अब देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित सरकार प्रमुख बन गए हैं।
22 मार्च 2026 को उन्होंने कुल 8,931 दिन का कार्यकाल पूरा किया, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में बिताया गया समय शामिल है। इस तरह, उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
यह मील का पत्थर सिर्फ संख्या का खेल नहीं है, बल्कि दशकों की निरंतर, अटूट और समर्पित जनसेवा की कहानी है। प्रधानमंत्री मोदी ने 24 साल से अधिक समय तक बिना एक भी छुट्टी लिए देश की सेवा की है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे 'अटूट समर्पण' का प्रतीक बताया है। शाह ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि मोदी जी की सेवा ने एक पूरा युग रच दिया है। गरीबों को अधिकार दिलाने से लेकर विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने और वैश्विक मंच पर भारत का गौरव बढ़ाने तक। उन्होंने कहा, '24 वर्षों से अधिक समय तक बिना कोई छुट्टी लिए राष्ट्र और उसके लोगों की सेवा करना उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।'
नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर: शुरुआत से अब तक
नरेंद्र मोदी का नेतृत्व का सफर 7 अक्टूबर 2001 को शुरू हुआ, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री बने। उस समय राज्य कई चुनौतियों से जूझ रहा था। उन्होंने 22 मई 2014 तक इस पद पर बने रहे। कुल 13 साल से अधिक समय। इस दौरान वे गुजरात के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे और चार बार लगातार चुनाव जीते। गुजरात में विकास के मॉडल ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
26 मई 2014 को वे भारत के 14वें प्रधानमंत्री बने। वे पहले गैर-कांग्रेसी नेता रहे, जिन्होंने लोकसभा में पूर्ण बहुमत हासिल किया। इसके बाद 2019 और 2024 में भी उनकी अगुवाई में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत जीता। वे लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बने-यह गैर-कांग्रेसी नेता के लिए पहली बार हुआ।
वे स्वतंत्र भारत में जन्मे (17 सितंबर 1950 को जन्म) पहले प्रधानमंत्री हैं। उनका यह सफर राजनीतिक दीर्घायु, जनसमर्थन और निरंतर नेतृत्व का प्रतीक है। गुजरात सीएम के रूप में सबसे लंबा पूर्व अनुभव वाला प्रधानमंत्री बनना भी उनका अनोखा रिकॉर्ड है।
डिजिटल दुनिया में मोदी की मजबूत पकड़
प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी अभूतपूर्व सफलता हासिल की है, जो उनकी जन-जुड़ाव की रणनीति को दर्शाती है।
- यूट्यूब: मार्च 2026 की शुरुआत में उनके चैनल पर 30 मिलियन (3 करोड़) सब्सक्राइबर हो गए। वे वैश्विक नेताओं में सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले हैं। दूसरे स्थान पर ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो हैं, जिनके सब्सक्राइबर मोदी जी के एक-चौथाई से भी कम हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुकाबले मोदी जी के सब्सक्राइबर सात गुना से अधिक हैं। यह उनकी डिजिटल पहुंच और वैश्विक प्रभाव को दिखाता है।
- इंस्टाग्राम: फरवरी 2026 में उन्होंने 100 मिलियन फॉलोअर्स का आंकड़ा पार किया। वे इस प्लेटफॉर्म पर 100 मिलियन फॉलोअर्स पार करने वाले पहले सेवारत विश्व नेता और राजनेता बने। 2014 में जुड़ने के बाद से उनकी सक्रियता बढ़ती गई। वर्तमान में उनके फॉलोअर्स 101 मिलियन से अधिक हैं।
- एक्स (पूर्व ट्विटर): यहां उनके 106.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं, जो उन्हें दुनिया के सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले नेताओं में शुमार करता है।
ये आंकड़े बताते हैं कि नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया को सिर्फ संचार का माध्यम नहीं, बल्कि जनता से सीधे जुड़ने और नीतियों को पहुंचाने का प्रभावी टूल बनाया है।
अमित शाह की प्रशंसा: 'प्रधानसेवक मोदी'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने इस उपलब्धि पर विस्तार से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मोदी जी के 8,931 दिन 'राष्ट्र-प्रथम' शासन, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं। शाह ने लिखा, 'मोदी युग ने भारत को पूरी तरह बदल दिया है। गरीबों को अधिकार मिले, विकास के नए मानक बने और वैश्विक मंच पर देश का सम्मान बढ़ा। इस नए भारत को गढ़ने के लिए जीवन भर का प्रयास चाहिए था, और प्रधानमंत्री जी ने वह किया।'
शाह ने जोर दिया कि बिना छुट्टी के 24 साल से अधिक सेवा करना अभूतपूर्व है। लोगों का विश्वास, स्नेह और समर्थन हर दिन बढ़ता गया-तीन बार गुजरात सीएम और तीन बार प्रधानमंत्री बनना इसका प्रमाण है।
यह उपलब्धि क्यों महत्वपूर्ण है?
यह रिकॉर्ड सिर्फ समय की गिनती नहीं, बल्कि स्थिरता, समर्पण और जन-विश्वास की कहानी है। भारतीय राजनीति में लगातार इतने लंबे समय तक उच्च पद पर बने रहना दुर्लभ है। मोदी जी ने चुनौतियों-आर्थिक सुधार, कोविड जैसी महामारी, वैश्विक संकट-के बावजूद नेतृत्व बनाए रखा।
उनकी सेवा का फोकस 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' पर रहा। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों का जीवन बदला। वैश्विक स्तर पर भारत की छवि मजबूत हुई-जी-20 की मेजबानी से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रियता तक।
यह मील का पत्थर प्रधानमंत्री मोदी के 'प्रधानसेवक' बनने की भावना को रेखांकित करता है। जहां राजनीति में अक्सर परिवारवाद और सत्ता की होड़ दिखती है, वहां मोदी जी का मॉडल राष्ट्र-केंद्रित, मेहनत और समर्पण पर टिका है।
24 साल, एक भी छुट्टी नहीं-यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है। मोदी जी की यह यात्रा बताती है कि सच्चा नेतृत्व समय की कसौटी पर खरा उतरता है। आने वाले समय में भी उनका यह समर्पण भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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