Raibareli-जेष्ठ माह की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

Raibareli-जेष्ठ माह की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

-:विज्ञापन:-

रिपोर्ट-चंदक्रेश मौर्या


 डलमऊ-रायबरेली- जेष्ठ माह की पूर्णिमा के शुभ अवसर पर दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने कस्बे के विभिन्न घाटों पर पतित पावनी मां गंगा की गोद में आस्था की डुबकी लगा कर मन्नतें मांगी। इसके पश्चात देवी-देवताओं के मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की तथा अपने तीर्थ पुरोहितों को दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। शनिवार को जेष्ठ माह की पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गंगा नदी में स्नान करने के लिए जनपद समेत विभिन्न स्थानों एवं क्षेत्रों से श्रद्धालु डलमऊ गंगा तट पर एक दिन पहले ही पहुंचकर घाटों पर अपना जमावड़ा कर लिया था। रात्रि के समय स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं ने ढोल और मजीरो की धुन में भक्ति गीत गाए। सुबह करीब तीन बजे से श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में स्नान करना प्रारंभ कर दिया था सुबह सात बजे से लेकर 10 बजे तक स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा। जो तकरीबन 3 बजे तक स्नान घाटों पर स्नान तथा पूजा पाठ का कार्यक्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं ने पतित पावनी मां गंगा नदी में स्नान करने के पश्चात स्नान घाटों के पास स्थित देवी-देवताओं के मंदिरों में जम कर पूजा अर्चना की इसके बाद अपने-अपने तीर्थ पुरोहितों को दान दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। डलमऊ कस्बे के पथवारी घाट, संकट मोचन घाट ,सड़क घाट ,रानी जी का शिवाला घाट ,वीआईपी घाट, छोटा मठ घाट , महावीर घाट सहित विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की हजारों की संख्या में भीड़ लगी रही।


इन क्षेत्रों से आए थे श्रद्धालु

जेष्ठ माह की पूर्णिमा के शुभ अवसर पर गंगा नदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालु हैदरगढ़,बाराबंकी ,फैजाबाद, सुल्तानपुर, जगदीशपुर, कुमारगंज, महाराजगंज, बछरावां, मोहनलालगंज, लखनऊ मंडल से श्रद्धालु आए हुए थे। इस दौरान स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी संख्या में भीड़ मौजूद रही। पूर्णिमा पर स्नान करने के लिए श्रद्धालु भारी संख्या में अपने निजी वाहनों एवं सरकारी बसों तथा डग्गामार वाहन का सहारा लेकर आए हुए थे जिसकी वजह से करीब 4 घंटे तक डलमऊ मुराई बाग तथा रायबरेली मार्ग एवं लालगंज ऊंचाहार मार्ग पर हजारों की संख्या में वाहन खड़े रहे। भीषण जाम में फंस कर श्रद्धालुओं एवं नन्हे-मुन्ने बच्चों को भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ा। पूर्णिमा पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की आने की उम्मीद लगी रही लेकिन पुलिस विभाग को इसकी खबर नहीं थी। तीर्थ पुरोहितों ने बताया कि वैसे तो प्रत्येक माह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ स्नान घाटों पर रहती है। परंतु आषाढ़ , श्रवण माह, भाद्र मास की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं की स्नान घाटों पर भारी भीड़ होती है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए कोई भी सुरक्षा व्यवस्था के निजाम नहीं किए जाते।