एम्स रायबरेली में जनस्वास्थ्य जागरूकता एवं चिकित्सा शिक्षा के तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन

एम्स रायबरेली में जनस्वास्थ्य जागरूकता एवं चिकित्सा शिक्षा के तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन

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रिपोर्ट-ओम द्विवेदी(बाबा)

मो-8573856824


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायबरेली में जनस्वास्थ्य जागरूकता, रोगों की रोकथाम तथा चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इनमें खाद्य मिलावट की पहचान एवं रोकथाम पर हैंड्स-ऑन कार्यशाला, विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में हृदय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम तथा विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम शामिल रहे। इन आयोजनों के माध्यम से आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ चिकित्सकों, विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के ज्ञान और व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया।
खाद्य मिलावट की पहचान एवं रोकथाम पर हैंड्स-ऑन कार्यशाला
एम्स रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहयोग से “खाद्य मिलावट – पहचान, रोकथाम एवं जन स्वास्थ्य जागरूकता” विषय पर व्यावहारिक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम डॉ. अमिता जैन, कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, एम्स रायबरेली के मार्गदर्शन तथा प्रो. (डॉ.) भोला नाथ, विभागाध्यक्ष, सामुदायिक चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। डॉ. नीरज पवार आयोजन सचिव रहे।
कार्यशाला में दूध एवं दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल, मसाले, अनाज, दालों, पनीर तथा अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान और पानी की प्राथमिक जांच का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। मोबाइल फूड सेफ्टी टेस्टिंग वैन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। श्री मणिक चंद्र सिंह, सहायक खाद्य आयुक्त, एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेषज्ञ टीम ने प्रतिभागियों को खाद्य परीक्षण की प्रक्रियाओं से अवगत कराया।
डॉ. अमिता जैन ने मिलावट रहित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को जनस्वास्थ्य की प्राथमिकता बताया, जबकि प्रो. (डॉ.) भोला नाथ ने सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन को अच्छे स्वास्थ्य का आधार बताया। इस अवसर पर एम्स रायबरेली और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से तैयार Food Safety Awareness Booklet का विमोचन भी किया गया। कार्यशाला में संकाय सदस्यों, रेजिडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ, विद्यार्थियों, मेस समिति के सदस्यों एवं अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में हृदय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम
एम्स रायबरेली के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग द्वारा 09 अक्टूबर 2026 को ओपीडी में विश्व हृदय दिवस के उपलक्ष्य में हृदय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. अमिता जैन, कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, एम्स रायबरेली ने मरीजों से संवाद कर उन्हें हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया तथा आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग विद्यार्थियों ने लघु नाटिका के माध्यम से हृदय रोगों के लक्षण, खान-पान में सावधानियों तथा रोगों की रोकथाम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। अस्पताल में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विजेताओं को डॉ. अमिता जैन द्वारा पुरस्कृत किया गया।
डॉ. मृत्युंजय कुमार ने बच्चों में जन्मजात हृदय रोग के संभावित लक्षणों एवं समय पर पहचान के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. आशीष जैन ने हृदयाघात के लक्षणों की पहचान तथा रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच की आवश्यकता बताई। डॉ. सौरभ पॉल ने तंबाकू एवं शराब के सेवन के दुष्परिणामों से अवगत कराया, जबकि डॉ. अरविन्द शर्मा ने नियमित व्यायाम के लाभ बताए। डायटीशियन श्रीमती ममता तिवारी ने संतुलित आहार, विभिन्न प्रकार के अनाजों के सेवन के फायदे समझाए तथा मरीजों को डाइट चार्ट वितरित किए।
CTVS विभाग के चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं अन्य कर्मचारियों के सहयोग से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम ने स्वस्थ जीवनशैली, नियमित स्वास्थ्य जांच और हृदय रोगों की समय पर पहचान के महत्व को रेखांकित किया।
विश्व दृष्टि दिवस पर सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम
विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर 08 अक्टूबर 2026 को एम्स रायबरेली के नेत्र रोग विभाग द्वारा सतत चिकित्सा शिक्षा (Continuing Medical Education—CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम विकास, उन्नत उपचार तकनीकों तथा बदलती चिकित्सकीय चुनौतियों पर विशेषज्ञों के अनुभव और ज्ञान का आदान-प्रदान करना था।
कार्यक्रम में प्रतिष्ठित नेत्र विशेषज्ञ डॉ. एलॉय मजूमदार एवं डॉ. प्रसून पांडेय ने विशिष्ट वक्ताओं के रूप में भाग लिया और नेत्र रोगों तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर व्याख्यान दिए। इससे उपस्थित चिकित्सकों एवं रेजिडेंट्स को नवीनतम चिकित्सा ज्ञान प्राप्त करने और अपने नैदानिक अनुभव को समृद्ध करने का अवसर मिला।
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रगति गर्ग के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम ने विभाग की शैक्षणिक, नैदानिक एवं शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। डॉ. अमिता जैन के मार्गदर्शन तथा संस्थान के प्रशासनिक सहयोग से चिकित्सा सेवाओं और अकादमिक गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से नियमित नेत्र जांच, शीघ्र निदान तथा समय पर उपचार के महत्व पर विशेष बल दिया गया।
एम्स रायबरेली में आयोजित इन तीनों कार्यक्रमों ने निवारक स्वास्थ्य सेवा, जनजागरूकता, रोगों की शीघ्र पहचान और चिकित्सा शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। खाद्य सुरक्षा, हृदय स्वास्थ्य और नेत्र स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित इन पहलों के माध्यम से संस्थान ने आमजन को स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराने तथा चिकित्सकीय सेवाओं और अकादमिक उत्कृष्टता को निरंतर सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।
एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ डॉ. अमिता जैन के मार्गदर्शन में संस्थान चिकित्सा सेवा, शिक्षण, प्रशिक्षण एवं जनस्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है। इन कार्यक्रमों की सफलता विभिन्न विभागों, विशेषज्ञों, विद्यार्थियों, नर्सिंग कर्मियों तथा प्रशासनिक इकाइयों के समन्वित प्रयासों का परिणाम रही।