रायबरेली-आईटीडी के अवैध मिट्टी खनन के विरुद्ध बढ़ रहा आक्रोश

रायबरेली-आईटीडी के अवैध मिट्टी खनन के विरुद्ध बढ़ रहा आक्रोश

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       रिपोर्ट-सागर तिवारी

कंपनी पांडेय की धमक के सामने बौना है सिस्टम

ऊंचाहार -रायबरेली - गंगा एक्सप्रेस वे निर्माण में मिट्टी खनन ठेकेदारों मनमानी के विरुद्ध अब जनाक्रोश पनप रहा है । निजी और सरकारी जमीनों पर अवैध खनन करके जिस प्रकार पूरे क्षेत्र की सूरत बिगाड़ी जा रही है , उसको लेकर अब जनता का सब्र टूट रहा है । इस अवैध कारोबार का केंद्र आइटीडी कंपनी के पांडेय है । इनके पास अर्थ का इतना रसूख है कि क्षेत्र में नियम इनके अनुसार चलते है और बड़े बड़े अधिकारी इनकी जेब में । 
     दरअसल निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस वे के लिए पूरे क्षेत्र की धरती को छलनी कर दिया गया है । निजी और सरकारी जमीनों में बीस फिट गहरी खोदाई करके धरती का भूगोल ही बदल दिया गया । जहां समतल मैदान था वहां नदी बना दी गई , जहां तालाब था , वहां गहरा कुआं बना दिया गया । खनन के स्थान के आसपास की कृषि भूमि नष्ट कर दी गई । बाग बगीचे के पास गहरा खनन करके पेड़ पौधों के जीवन पर आघात किया गया है । यह सारा काम एक्सप्रेस वे निर्माण में सहयोगी कंपनी आईटीडी द्वारा इसके ठेकेदारों द्वारा किया गया है । बताया का रहा है कि मिट्टी के काले कारोबार का केंद्र कंपनी का एक पांडेय है । सारी सेटिंग और नियमों की खरीद फरोख्त इसी के द्वारा होती है । अधिकारियों से मिलकर पूरे क्षेत्र की प्रकृति और यहां के लोगों के साथ बड़ा गुनाह किया जा रहा है । खनन के अधाधुंध काले कारोबार ने लोगों की जीविका छीन ली है और पेड़ों पौधों को क्षति पहुंचकर पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया गया है ।

 *ग्रामीण हो रहे मुखर*  

अवैध खनन के विरुद्ध ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। लक्ष्मीगंज निवासी राम प्रसाद का कहना है कि अवैध खनन करके पूरे क्षेत्र में कुआं बना दिया गया है । जिससे आने वाले दिनों में हादसे होंगे । इसी क्षेत्र के देवता दीन का कहना है कि बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जायेगा तो मवेशी तक डूबकर मर जाएंगे । उधर राम आनंद ने बताया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर बाग बगीचे के पास बहुत गहरा खनन कर दिया गया है , बरसात के दिनों में ये सारे पेड़ कुआं रूपी गड्ढों में दफन हो जायेगे । राम अभिलाष का कहना है कि आईटीडी कंपनी के विरुद्ध सभी ग्रामीण एकजुट होकर आंदोलन करें तो इनसे सेटिंग करने वाले अधिकारियों की पोल खुल जायेगी ।