रायबरेली-सैकड़ों वर्ष पुराने प्राचीन शिव मंदिर का हुआ भव्य जीर्णोद्धार

रायबरेली-सैकड़ों वर्ष पुराने प्राचीन शिव मंदिर का हुआ भव्य जीर्णोद्धार

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विशाल भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब


रिपोर्ट:- ऋषि मिश्रा
मो०न०:-9935593647


महराजगंज रायबरेली। तहसील क्षेत्र के सलेथू गांव में स्थित सैकड़ों वर्ष पुराने प्राचीन शिव मंदिर का ग्रामीणों के सहयोग से भव्य जीर्णोद्धार संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक और धार्मिक अवसर पर पूरे गांव में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर के जीर्णोद्धार के उपलक्ष्य में बीते आठ दिनों से निरंतर अपराजिता पाठ का आयोजन किया गया, जिसका विधिवत समापन सोमवार को हवन- पूजन और विशाल भंडारे के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे सलेथू गांव में धार्मिक उत्सव जैसा वातावरण बना रहा और “हर-हर महादेव” के जयघोष से क्षेत्र गूंज उठा।
इस पावन अवसर पर कार्यक्रम में पहुंचे महराजगंज तहसील के उपजिलाधिकारी गौतम सिंह ने मंदिर का अवलोकन किया और आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि
“इतने सुविचारित, आस्था से जुड़े और ऐतिहासिक शिव मंदिर आज के समय में बहुत कम देखने को मिलते हैं। यह सलेथू गांव के लोगों का सौभाग्य है कि उन्होंने इस प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार कर भगवान शिव की सेवा की है। इससे निश्चित रूप से पूरे क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक चेतना का संचार होगा।” ग्रामीणों ने बताया कि यह शिव मंदिर वर्षों से क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां पीढ़ियों से लोग पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। मंदिर के जीर्णोद्धार से न केवल इसका धार्मिक महत्व और बढ़ा है, बल्कि गांव की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान भी और अधिक सुदृढ़ हुई है। कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त ग्रामवासियों का विशेष योगदान रहा। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और अनुशासन भी सराहनीय रहा, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।इस अवसर पर उमेश तिवारी, रमाकांत तिवारी, अनु कोटेदार, आर.पी. साहू, मंडल अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव, शिवम मिश्रा, लालू सिंह, महबूब अली सहित हजारों की संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंदिर के जीर्णोद्धार और इस भव्य आयोजन ने न केवल सलेथू गांव, बल्कि पूरे क्षेत्र में धार्मिक एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है।