रायबरेली-आंगनवाड़ी केन्द्रों की पड़ताल शुरू हुई तो संचालिकाओं के कार्यों की परतें लगी खुलने,,,,,

रायबरेली-आंगनवाड़ी केन्द्रों की पड़ताल शुरू हुई तो संचालिकाओं के कार्यों की परतें लगी खुलने,,,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी 



ऊंचाहार-रायबरेली- आंगनवाड़ी केन्द्रों की पड़ताल शुरू हुई तो संचालिकाओं के कार्यों की परतें खुलने लगी हैं। नगर के लोगों के लिए संचालित किए गए आंगनवाड़ी केन्द्र नगर की सीमा से बाहर ग्रामीण क्षेत्र में संचालित करके ग्रामीणों को कथित लाभ दिया जा रहा है। दूसरे सेन्टर की संचालिका के पिता द्वारा धड़ल्ले से केन्द्र संचालित किया जा रहा है। ज़िम्मेदार आधिकारियों के इस ओर ध्यान न देने से संचालिकाओं द्वारा सरकारी धन के साथ लाभार्थियों का आहार डकार जा रहा है।
          ऊंचाहार नगर के रेलवे स्टेशन के आवासीय परिसर के निकट मोहल्ले के लिए संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र को महिला  संचालिका द्वारा नगर की सीमा से बाहर ग्रामीण क्षेत्र में संचालित किया जा रहा है। इससे भी बड़ी बात यह है कि नगर की गर्भवती महिलाओं और बच्चों का आहार उनके मुंह से छीनकर कथित तौर पर ग्रामीणों को परोसा जा रहा है। जिसके चलते मोहल्ले के लाभार्थी आहार से वंचित हैं। 
बताते हैं कि इस संचालिका के पति  बड़के नेता हैं जिसके चलते सुपरवाइसर, सीडीपीओ समेत आला अधिकारी इसे आशीष देते हैं। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक शख्स ने बताया कि जब भी कोई शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत किया जाता है तो संचालिका उसे अपने पति के बड़के नेता होने रौब झाड़कर उसका मुंह बन्द करा दिया जाता है। इससे भी काम न बनने पर फर्जी मुकदमों फंसाने की धमकी तक दिलवा दिया जाता है। यही कारण है की लम्बे समय से यह केन्द्र नगर की सीमा से बाहर धड़ल्ले से संचालित है। जानकर बताते हैं कि हाल ही में एक जांच अधिकारी द्वारा इस केन्द्र की जांच की गई है और जांच में इसे क्लीन चिट भी दे दी गई है। सोचिए किस कदर अधिकारियों की सेटिंग गेटिंग और उदासीनता देखने को मिल रही है।
 इसके साथ ही फड़ मोहल्ले में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्र और मुस्तफाबाद प्रथम में भी भीषण भ्रष्टाचार व्याप्त है। फड़ मोहल्ले में लाभार्थियों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं बात करें मुस्तफाबाद प्रथम आंगनवाड़ी केन्द्र की तो सूत्र बताते हैं कि यहां तैनात संचालिका की केन्द्र पर यदा कदा ही आती हैं और उनका पूरा कार्यभार कथित तौर पर उनके पिता द्वारा किया जाता है। पुष्टहार विभाग में इतने बड़े घोटाले होने के बाद भी अधिकारी अपने कुम्भ करणीय नीन्द से नहीं जाग रहे हैं।
इस बावत सीडीपीओ सत्यजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया की वह मीटिंग में हैं बाद में बात करेंगे।