रायबरेली में नियमो से बड़े हुए थाना प्रभारी के नियम, रातभर नाबालिक को बैठाया थाने में

रायबरेली में नियमो से बड़े हुए थाना प्रभारी के नियम, रातभर नाबालिक को बैठाया थाने में

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रिपोर्ट-अमित अवस्थी

पीड़ित ने स्थानीय पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, हिंदू संगठनों के आने के पश्चात हुई कार्यवाही



बछरावा रायबरेली। थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस के नियमों से थाना प्रभारी बछरावां के नियम बड़े होते हुए दिखाई दिये हैं, क्योंकि थाना प्रभारी बछरावां श्याम कुमार पाल ने पूरी रात एक नाबालिग किशोरी को थाने में बैठाने का एक नया कारनामा कर दिखाया है। जिसकी जानकारी नाबालिक किशोरी के पिता यानी पीड़ित के द्वारा दी गई है। पीड़ित पिता के अनुसार बीते शुक्रवार को थाना क्षेत्र के एक गांव में एक नाबालिक किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई, इसके पश्चात पीड़ित पिता के द्वारा थाने में प्रार्थना पत्र दिया गया और वह नाबालिक किशोरी कुछ समय पश्चात स्थानीय गांव के ही रहने वाले एक मुस्लिम युवक के घर से पुलिस के द्वारा बरामद की गई, जो युवक पूर्व में भी उस किशोरी के वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करता था। वहीं पुलिस के द्वारा उक्त मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई और आगे की कार्यवाही की गई। पीड़ित के अनुसार मुस्लिम पक्ष के हावी होने पर स्थानीय पुलिस ने उक्त मामले में सुलह समझौता करने का दबाव भी बनाया। साथ ही पुलिस के द्वारा पीड़ित को यह भी आश्वासन दिया जा रहा था की कार्यवाही होगी, जब कार्यवाही नहीं हुई तो पीड़ित ने उक्त घटना की सूचना हिंदू संगठनों को दी। जिसके पश्चात मौके पर पहुंचे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के द्वारा जब कार्यवाही करने की बात कही गई तो स्थानीय पुलिस के द्वारा उक्त नाबालिक किशोरी का मेडिकल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां में कराया गया। वहीं पीड़ित यानी किशोरी के पिता की मानी जाए तो उनका कहना है कि रात भर उनकी नाबालिक लड़की को स्थानीय थाने में बैठाकर रखा गया और 2:00 बजे तक वह भी थाने में मौजूद थे, इसके पश्चात पुलिस के द्वारा उन्हें घर भेज दिया गया। साथ ही साथ पीड़ित ने स्थानीय थाने की पुलिस पर कार्यवाही न करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस उक्त मामले में आगे की कार्यवाही कर रही है। लेकिन पीड़ित के अनुसार बछरावां थाना प्रभारी के द्वारा जारी किया गया यह नया नियम क्षेत्रीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जबकि उत्तर प्रदेश की पुलिस के कानूनी नियमों के अनुसार किसी भी नाबालिक को रात में थाने परिसर में नहीं बैठाया जा सकता, या तो उसे उसके परिजनों को सौंप दिया जाता है या फिर जिला बाल कल्याण अधिकारी को सौंपने का प्रावधान है। लेकिन बछरावां थाना प्रभारी ने एक नया नियम बनाकर अपने ही विभाग के उच्च अधिकारियों के नियमों को तार-तार करने का काम किया है।hv