रायबरेली-मुस्लिम धर्मावलंबी का जत्था उमराह के लिए रवाना,,,,

रायबरेली-मुस्लिम धर्मावलंबी का जत्था उमराह के लिए रवाना,,,,

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   रिपोर्ट-सागर तिवारी


ऊंचाहार-रायबरेली-तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत कजियाना से सामाजिक कार्यकर्ता नफीस इदरीसी के छोटे भाई रियाज इदरीसी की धर्मपत्नी व बेटी आफिया एवं 6 वर्षीय  बिटिया अफरा इदरीसी उमराह के लिए रवाना हुए ।
पूरे गांव कजियाना में जश्न का माहौल रहा और  अल्लाहुम्मा लब्बैक के नारों से पूरा गांव गूंज उठा ।
  कजियाना गांव में मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ क्षेत्र के हिंदू भाइयों एवं बहनों ने भी माल्यार्पण कर सभी को  विदा किया , तथा देश में प्रेम शांति और सद्भाव के लिए मदीना शरीफ में प्रार्थना करने की अपील की गांव के  जामा मस्जिद के इमाम इकबाल साहब ने भी दुआएं दी ।  मुस्लिम महिला धर्मगुरु तस्कीन तालिब इदरीसी ने बताया कि हज की शुरुआत सबसे पहले पैगंबर इब्राहीम अलैहिस्सलाम और उनके बेटे हजरत स्माइल अलैहिससलाम के जमाने से हुई ।तब से लेकर आज तक विश्व का हर मुसलमान मक्का और मदीने की जियारत की चाहत रखता है। लेकिन कुछ सौभाग्यशाली लोग होते हैं जिन्हें ये ज़िरायरत नसीब होती है।
 हज वर्ष में केवल एक बार होता है, लेकिन उमराह के लिए पूरे वर्ष कभी भी जाया जा सकता है।  हज के अरकान पूरे करने में जहां 45 दिनों का समय लगता है, वही उमराह  करने में 14 दिन में भी लौट सकतेहैं।