रायबरेली-एनटीपीसी प्लांट से उड़ती जहरीली राख से गाँव के लोगों के लिए बनी अभिशाप, जताया आक्रोश,,,,,

रायबरेली-एनटीपीसी प्लांट से उड़ती जहरीली राख से गाँव के लोगों के लिए बनी अभिशाप, जताया आक्रोश,,,,,

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रिपोर्ट-सागर तिवारी

ऊंचाहार- रायबरेली-एनटीपीसी के पॉवर प्लांट से निकलकर उड़ती हुई जहरीली राख प्लांट से जुड़े गाँव के लोगों के लिए अभिशाप बन गई है। करीब तीन दशक से इस समस्या ने अब विकराल रूप धारण कर लिया है। कभी कभी प्लांट से यह राख इतनी ज्यादा उड़ती है कि मुंह, नाक के रास्ते शरीर के अन्दर प्रवेश कर जाती है और लोगों को सांस लेने में परेशानियों का सामना पड़ करना पड़ता है। गाँव में छतों पर राख की मोटी परत जम जाती है। छतों पर सूखने के लिए फैलाए गए कपड़ों पर राख जम जाती है। 
       गुरुवार को फरीदपुर मजरे बभनपुर गाँव में एनटीपीसी की उड़ती हुई जहरीली राख से परेशान ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। नाराज दर्जनों लोगों ने गाँव के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि उड़ती हुई राख के कारण उन्हें बड़ी भारी समस्या का समाधान करना पड़ता है। उड़ती हुई राख उनके घरों के अन्दर बिस्तर, रसोई समेत उठने बैठने के स्थान तक पहुंच जाती है। लोग इस गांव में रिश्तेदारी करने से कतराते हैं। कोई भी रिश्तेदार रात में नहीं रुकता। इस उड़ती हुई जहरीली राख की गम्भीर समस्या महज फरीदपुर ही नहीं बल्कि, बहेरवा, पुरवारा, सराएं हरदो, बिकई, सराएं सहिजन, अकोढिया, खुर्रमपुर, मनीरामपुर, अरखा समेत एक दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हैं। गाँव के लोग बताते हैं कि उड़ती हुई राख ने कई लोगों की जिंदगी निगल लिया,कई लोगों को नेत्रहीन और सैकड़ों लोगों को गम्भीर बीमारी से ग्रसित कर दिया है। गाँव के राजू सिंह, संजय जायसवाल, सुन्दर लाल, संगीता देवी, किशनपाल, मनोज कुमार, अशोक कुमार, संपति देवी, रानी देवी, संजू देवी, दशरथ पाल, उषा देवी सीता देवी, मालती देवी , सरोज देवी सहित दर्जनों लोगों ने विरोध जताया है।