'मैं दयाशंकर सिंह हूं, ऐसे डरने वाला आदमी नहीं हूं' BJP मंत्री ने BSP विधायक को दी खुली चुनौती
“मैं दयाशंकर सिंह हूं, डरने वाला आदमी नहीं हूं।” यूपी के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने रविवार को यह कहते हुए बसपा विधायक उमाशंकर सिंह को खुली चुनौती दे दी।
मामला बलिया के कटहल नाला पुल विवाद से जुड़ा है।
बसपा विधायक पर साधा निशाना
दरअसल चार दिन पहले दयाशंकर ने बिना क्लियरेंस और जरूरी औपचारिकताओं के पुल खोलने पर लोनिवि के अफसर को कड़ी फटकार लगाई थी। इसी को लेकर उन्होंने रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह पर निशाना साधा था। जवाब में बसपा विधायक ने कहा था कि मैं पोल खोलूंगा तो मंत्री जी को छिपने की जगह नहीं मिलेगी। मंत्री ने कहा,
“बलिया की जनता को गुमराह मत करिए। आपके पास मेरे भ्रष्टाचार का जो भी साक्ष्य है, उसे दिखाइए। सदन में दिखाइए, बाहर दिखाइए। मैं आपको चैलेंज करता हूं जहां, जैसे, जो भी सबूत है, सामने रखिए। केवल इतना मत कहिए कि मेरे पास है। अगर है, तो दिखाइए। आप विपक्ष में हैं, दिखाने में दिक्कत क्यों आ रही है?”
मामला चार दिन पहले शुरू हुआ था। जब कटहल नाला पुल चालू किए जाने पर दयाशंकर सिंह ने लोनिवि के अफसर को फटकार लगाई थी। मंत्री ने सवाल उठाया था कि बिना क्लियरेंस और जरूरी औपचारिकताओं के पुल क्यों खोला गया। इस दौरान उन्होंने रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह पर भी निशाना साधा था।
बोले- गीदड़ भभकी मत दीजिए
जवाब में उमाशंकर ने पलटवार करते हुए कहा था कि मैं पोल खोलूंगा तो मंत्री जी को छिपने की जगह नहीं मिलेगी।
इसके बाद दयाशंकर ने दोबारा हमला बोलते हुए कहा,
“अगर मेरे खिलाफ कुछ है, तो प्रदेश की जनता से लेकर विधानसभा तक में रखिए। लेकिन इस तरह गीदड़ भभकी मत दीजिए। आप अपनी पार्टी के इकलौते विधायक हैं, और दो दिन बाद विधानसभा सत्र शुरू हो रहा है। तो वहीं मुद्दा उठाइए। सिर्फ बयानबाजी करके जनता को गुमराह न करें।”
अखिलेश यादव पर क्या बोले?
बलिया में ही दयाशंकर सिंह ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। कहा कि प्रदेश और देश की जनता ने उन्हें नकार दिया है। जब उनकी पार्टी जीतती है, तो निर्वाचन आयोग अच्छा लगता है। हारने पर उसी आयोग पर लांछन लगाते हैं।
सपा के पूर्व सांसद एस.टी. हसन द्वारा उत्तराखंड में आई आपदा को धार्मिक कारणों से जोड़ने पर भी मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई। हसन ने कहा था कि अहंकार में आकर धार्मिक स्थलों को गिराने से 'पालनहार' (ईश्वर) नाराज होंगे और आपदाएं बढ़ेंगी।
दयाशंकर ने जवाब में कहा कि (उत्तराखंड) में प्राकृतिक आपदा आई है। ऐसे में पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए। सोचना चाहिए कि उन्हें किस तरह मदद पहुंचाई जाए और उनके दुख में हम कैसे साथ खड़े हों। यह समय राजनीतिक बयानबाज़ी का नहीं है। सपा मुखिया द्वारा बीजेपी को “भ्रष्टाचार का विश्वविद्यालय” कहने पर भी उन्होंने पलटवार किया और कहा कि जनता ने ऐसे नेताओं को नकार दिया है।

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